नोटबंदी के बाद किसानों ने भाजपा को नकारा, खाली रहीं कुर्सियां!

Abhishek Saxena

Publish: Jan, 13 2017 06:57:00 (IST)

Agra, Uttar Pradesh, India
नोटबंदी के बाद किसानों ने भाजपा को नकारा, खाली रहीं कुर्सियां!

केंद्रीय मंत्री को कार्यक्रम में आना था, लेकिन वे किसी कारणवश नहीं आए।

आगरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नोटबंदी खत्म हुए दो सप्ताह बीत गए। पहली बार किसानों के बीच जाकर भाजपाई केंद्र सरकार की योजनाओं को बताने के लिए पहुंचे, लेकिन भाजपाईयों को इस कार्यक्रम में खासी हताशा हाथ लगी। शुक्रवार को भाजपा जिला आगरा का किसान सम्मेलन सिद्धि विनायक कॉलेज रायभा में हुआ। इसमें आगरा जिला से पांच हजार किसानों की भागीदारी होनी थी, लेकिन इस कार्यक्रम में किसानों को जुटाना भाजपाइयों को भारी पड़ गया। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए केंद्रीय मंत्री गिर्राज सिंह को आना था, लेकिन किसी कारणवश वे इस कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। 

कार्यक्रम में पहुंचे भाजपाई

खाली रहीं कुर्सियां
किसानों को मोदी सरकार की योजनाएं बताने के लिए नोटबंदी के बाद ये पहला मौका है, जब भाजपा किसानों के बीच गई है। बता दें कि मोदी सरकार की किसान और ग्रामीण युवाओं के लिए शुरू हुई नीतियां, कार्य योजनाओं और उपलब्धियों को किसानों तक पहुंचाया जाने का कार्यक्रम हाईकमान ने तय किया था। इस संबंध में भाजपा को किसानों के साथ संवाद कार्यक्रम करना है। शुक्रवार से माटी, तिलक, प्रतिज्ञा कार्यक्रम की शुरूआत आगरा में रायभा में हुई। कार्यक्रम गांव में  चौपाल का था। कार्यक्रम में किसान मोर्चा के प्रदेश सहप्रभारी रामेश्वर चौरसिया, श्याम भदौरिया, मोहन सिंह चाहर, भानुप्रताप सिंह चौहान, रामकुमार शर्मा, राजकुमार पथिक, मनोज शर्मा आदि मौजूद थे।
bjp kisan chaupal
कार्यक्रम में पहुंचे रिक्त दिखीं कुर्सियां

चुनावों के लिए संकेत
विधानसभा चुनाव का बिगुल फुंक चुका है और पहले चरण के दौर में आगरा में मतदान होना है। 11 फरवरी को होने वाले चुनाव के दौरान भाजपा नोटबंदी के मुद्दे को जनता के बीच एक सकारात्मक दृष्टि से लेकर जाने के मूड में है। लेकिन, रायभा में हुए कार्यक्रम के चलते भाजपा को इसे चुनौती के रूप में लेना होगा, ऐसा राजनीति के जानकार मानते हैं। 

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