जागो जनमतः आगरा यूनिवर्सिटी के शिक्षक संघ की ये है मांग

Dhirendra yadav

Publish: Jan, 13 2017 07:21:00 (IST)

Agra, Uttar Pradesh, India
 जागो जनमतः आगरा यूनिवर्सिटी के शिक्षक संघ की ये है मांग

लम्बे समय से शिक्षकों की काफी मांगे चल रही हैं, लेकिन सरकार ने इन मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया है।

आगरा। डॉ. भीमराव अम्बेडकर यूनिवर्सिटी में अव्यवस्थाओं का जाल फैला हुआ है। यहां के शिक्षक भी इससे परेशान हैं। यूनिवर्सिटी की अव्यवस्थाओं के अलावा दूसरा बड़ा मुद्दा है प्रदेश स्तरीय समस्याओं का। लम्बे समय से शिक्षकों की काफी मांगे चल रही हैं, लेकिन सरकार ने इन मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया है। आगरा विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने कहा कि कोई नेता तो ये वादा करे, कि इन समस्याओं से आजादी मिलेगी। 

ये हैं प्रमुख मांग 
आगरा विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. वीरेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की आयु 62 से 65 वर्ष की जाए। महाविद्यालयों में प्रोफेसर के पदनाम सृजित किए जायें। महाविद्यालयीयी शिक्षकों की जिनकी डेट आॅफ ज्वानिंग जनवरी और जून के मध्य है, उन्हें अतरिक्त वेतन वृद्धि दी जाये। संघ के अध्यक्ष ने बताया कि ये मांगें काफी वर्षों से चली आ रही हैं, लेकिन शिक्षकों की सुनवाई नहीं हुई है। ये चुनावी मुद्दा बने, तो कुछ बात बन पाएगी। 

यूनिवर्सिटी का कौन करेगा भला 
औटा के अध्यक्ष डॉ. वीरेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि आगरा यूनिवर्सिटी में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है, लेकिन सुधार करने वाला कोई  नहीं है। आगरा यूनिवर्सिटी की समस्यायें भी चुनावी मुद्दा बननी चाहिए।

ये हैं यूनिवर्सिटी की प्रमुख समस्यायें 
1. सत्र 2012 से लेकर 2016 तक के छात्र छात्रायें अपने परीक्षा परिणाम के लिए विवि में दर दर भटक रहे हैं।

2. विवि स्तर पर वैरीफिकेशन के नाम पर अवैध वसूली हो रही है, उसे रोका जाए और वैरीफिकेशन के लिए प्राप्त प्रार्थना पत्रों का निस्तारण निर्धारित समय पर कराया जाए। 

3. शिक्षकों का भुगतान अविलम्ब कराए जायें। तमाम शिक्षकों के पारश्रमिक और यात्रा भत्ता लम्बे समय से लंबित हैं। इसके कारण बाहर से आने वाले शिक्षकों ने विवि में आना बंद कर दिया है।

4. विवि के अंदर परीक्षा संबंधी जो भी कार्य हों, वे विवि के अधिनियम और परिनियमावली के अनुरूप कराए जायें।
5. औटा अध्यक्ष ने बताया कि विवि से संबंध विद्वालय 70 फीसद ऐसे विद्यार्थी का प्रवेश लेंगे, जो परिक्षेत्र का रहने वाला है। 30 फीसद ऐसे होंगे जो बाहर के होंगे। तमाम कोर्स ऐसे हैं, जो विवि के परिक्षेत्र से बाहर के हैं। जैसे कृषि, बीपीएड, एलएलबी, इनमें नियमावली को ताक पर रखकर प्रवेश लिए जा रहे हैं।

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