रमजान में औरत और मर्द किस तरह का इत्र लगाएं, देखें वीडियो

Agra, Uttar Pradesh, India
 रमजान में औरत और मर्द किस तरह का इत्र लगाएं, देखें वीडियो

औरत और मर्द किस तरह का इत्र लगाएं, इसकी स्पष्ट व्याख्या नवी ने की है। 

आगरा। रमजान के दौरान रोजेदारों में खुशबू (इत्र) लगाने का प्रचलन है। रमजान में इत्र की बिक्री बढ़ जाती है। दुकानदार भी नए तरह के इत्र लेकर आते हैं। क्या आपको पता है कि रमजान में इत्र लगाने का भी एक तरीका है। औरतों और मर्दों के लिए अलग-अलग तरीके के इत्र लगाने का प्रावधान किया गया है।

 
हदीस नम्बर 5118 देखें
इस्लामिक पीस फाउंडेशन के अध्यक्ष और मुस्लिम मामलों के विद्वान मोहम्मद इकबाल ने ने बताया कि इत्र को परफ्यूम या सेन्ट भी कहते हैं। औरत और मर्द किस तरह का इत्र लगाएं, इसकी स्पष्ट व्याख्या नवी ने की है। अल्लाह के नवी ने हदीस नम्बर 5118 में फरमाया है- औरत का जो इत्र है, उसका रंग गहरा होना चाहिए। उसकी खुशबू हल्की होनी चाहिए। मर्द के इत्र का रंग औरत के इत्र के मुकाबले गहरा हो और खुशबू तेज हो।
 
 
खुशबू हमेशा लगानी चाहिए
उन्होंने बताया कि खुशबू लगाना सुन्नत है। रोजे में भी खुशूब लगाई जा सकती है। इससे रोजे में कोई फर्क नहीं पड़ता है। अल्कोहल वाली खुशूब इस्तेमाल नहीं करनी चाहिए। इत्र में अल्कोहल नहीं होता है, इसिलए हमेशा लगा सकते हैं। खुशबू हमेशा लगानी चाहिए ताकि स्वयं को और दूसरों को भी अच्छा महसूस हो।
 
 
इत्र का सबसे बड़ा कारोबार कन्नौज में
उत्तर प्रदेश के कन्नौज में इत्र का कारोबार होता है। वहां सरकार की ओर से रिसर्च सेन्टर है। इसके बाद महाराष्ट्र की मुंबई में इत्र का काम होता है। ऊद का इत्र महंगा होता है। इसकी लकड़ी असोम से आती है। बाकी जड़ी बूटियों से बनते हैं।
 
 
अल्लाह की इबादत का माह
बता दें कि रमजान माह अल्लाह की इबादत का माह है। पूरे माह मुस्लिम रोजा रखने के साथ-साथ तराबी, कुरानेतरीम का पाठ, मस्जिदों में नमाज आदि पढ़ते हैं। जकात के माध्यम से गरीबों की मदद की जाती है। सुबह से लेकर रात्रि तक व्यस्त रहते हैं। मन में कोई गलत खयाल नहीं आने देने की हिदायत है।

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