Nag Panchami 2017: जानें तिथि और पूजन विधि के बारे में

suchita mishra

Publish: Jul, 18 2017 02:50:00 (IST)

Agra, Uttar Pradesh, India
Nag Panchami 2017: जानें तिथि और पूजन विधि के बारे में

पढ़ें क्यों मनाते हैं Nag Panchami, क्या है इसका महत्व।

सावन माह में शुक्ल पक्ष की पंचमी नागों को समर्पित है। इसे Nag Panchami के त्योहार के रूप में मनाया जाता है। इस दिन लोग नाग देवता की पूजा करके उन्हें दूध पिलाते हैं या दूध से स्नान कराते हैं। कहते हैं ​इस दिन नाग देवता की पूजा करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है और वे उस परिवार को कभी कोई हानि नहीं पहुंचाते। हिंदू पंचांग के मुताबिक इस बार नाग पंचमी का पर्व 27 जुलाई को पड़ेगा।

जानें क्यों मनाते हैं नाग पंचमी
पांडवों के वंशज और कलियुग के प्रथम राजा परीक्षित की मृत्‍यु तक्षक सांप के काटने से हुई थी। परीक्षित के पुत्र जन्‍मेजय ने नाराज होकर ये संकल्‍प लिया कि वह धरती से सभी सर्पों का विनाश कर देंगे। इसके लिए उन्होंने यज्ञ किया। यज्ञ इतना प्रभावशाली था कि दुनियाभर के सांप ​अपने आप खिंचकर जन्‍मेजय के हवनकुंड में आकर गिरने लगे। इस बीच तक्षक नागजान बचाने के लिए देवराज इंद्र के सिंहासन में जाकर छिप गया। तक्षक को खींचने पर इंद्र का पूरा सिंहासन यज्ञकुंड की ओर बढ़ने लगा। 

तब देवताओं और ऋषिगणों में खलबली मच गई। सबने मिलकर राजा जन्‍मेजय से यज्ञ को समाप्‍त करने का अनुरोध किया। अनर्थ होने के भय से जन्‍मेजय ने भी यज्ञ की अग्‍नि को बुझा दिया। इसके बाद ऋषियों के अनुरोध और प्रकृति के संतुलन को देखते हुए तक्षक को क्षमा कर दिया व पृथ्‍वी पर नागों की उत्‍पत्‍ति दुबारा शुरू हुई। उस दिन सावन माह की पंचमी थी। उस दिन आस्तिक मुनि ने जले हुए नागों को बचाकर उन्हें गाय के दूध से स्नान कराया था, जिससे उनके शरीर की जलन समाप्त हुई थी। इसलिए इस पंचमी के दिन नाग देवता को दूध पिलाने व दूध से स्नान कराने से वे प्रसन्न होते हैं।

ऐसे करें पूजा
घर के मुख्यद्वार के दोनों ओर गोबर से नाग बनाएं, या फिर आटे या मिट्टी के नाग बनाएं। धूप, दीप, कच्चा दूध, खीर आदि से नाग देवता की पूजा करें। गेंहू, भूने हुए चने और जौं का प्रसाद नागों को चढ़ाएं तथा प्रसाद के रूप में बांटें।

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