मोदी, माया और अखिलेश के लिए चुनौती पेश करेगा ये सम्मेलन

Abhishek Saxena

Publish: Feb, 16 2017 05:18:00 (IST)

Agra, Uttar Pradesh, India
मोदी, माया और अखिलेश के लिए चुनौती पेश करेगा ये सम्मेलन

 भारत में पिछड़ी जातियों और पिछड़े वर्ग की 62 प्रतिशत से अधिक आबादी है। जो अलग-अलग प्रदेशों में बंटे होने के साथ अलग-अलग नाम से जानी जाती है।

आगरा। पिछड़ी​जातियों को सिर्फ इस्तेमाल कर उन्हें अलग कर दिया है। जबकि देश की सरकारों में पिछड़ी जातियां सरकारें बनाती हैं। अब पिछड़ी जातियां एकजुट होंगीं और राजनीतिक पार्टियों को अपना दबदबा दिखाएंगीं। पिछड़ी जातियों को एकत्रित करने के लिए आगरा में राष्ट्रीय पिछड़ा सम्मेलन किया जा रहा है। जिसमें देश भर से पिछड़ी जातियों का नेतृत्व करने वाले एकत्रित होंगे और पिछड़ी जातियों के लिए हुंकार भरेंगे। गुरुवार को आगरा में मराठा सेवा संघ के प्रवक्ता अविनाश काकड़े ने प्रेसवार्ता कर सम्मेलन की जानकारी दी। 

18 से होगा सम्मेलन 
दो दिवसीय राष्ट्रीय पिछड़ा अल्पसंख्यक सम्मेलन का आयोजन कालिन्दी विहार बलदाऊ गार्डन में 18-19 फरवरी को आयोजित होने जा रहा है। जिसमें अभिनेता राजपाल यादव सहित, रामनाथ ठाकुर जनता दल यूनाइटेड से राज्य सभा सांसद, संदीप सिलास, आगरा में जन्मे कवि, लेखक और फोटोग्राफर जैसी कई हस्तियां भाग लेंगी। सम्मेलन मराठा सेवा संघ एवं पिछड़ा अल्पसंख्यक फ्रंट द्वारा आयोजित कराया जा रहा है। अभिनेता राजपाल यादव सहित कई हस्तियों सहित लगभग 250 प्रतिनिधि भाग लेंगे। सम्मेलन के आयोजकों ने कहा कि 2019 के लिए वे सरकारों पर पिछड़ा वर्गों के हितों के लिए काम करने की कवायद कर रहे हैं।

62 फीसदी आबादी
मराठा सेवा संग के प्रवक्ता अविनाश काकड़े व कार्यक्रम के सूत्रधार जितेन्द्र यादव ने होटल सोलिटेयर में आयोजित कार्यक्रम में बताया कि भारत में पिछड़ी जातियों और पिछड़े वर्ग की 62 प्रतिशत से अधिक आबादी है। जो अलग-अलग प्रदेशों में बंटे होने के साथ अलग-अलग नाम से जानी जाती है। इनका फायदा क्षेत्रीय व राजनीतिक दलों के नेता अपने-अपने हितों के हिसाब से उठाते रहे हैं। लेकिन पिछड़ी जातियों को वो अधिकार व लाभ प्राप्त नहीं हो पा रहा है, जिनके वो हकदार हैं। हमारा भारत, पिछड़ी जातियों को राष्ट्रीय स्तर पर इकट्ठा करने का सामाजिक, सांस्कृतिक अभियान है। सम्मेलन का उदघाटन मराठा सेवा संघ के अध्यक्ष कामाजी पवार व मार्गदर्शक आशुतोष खेरेकड़ करेंगे। सम्मेलन में पूरे भारत से लगभग 250 प्रतिनिध भाग लेंगे। सम्मेलन में पहले दिन दो व दूसरे दिन एक सत्र में पिछड़े अल्पसंख्यक व वंचित समाज के लोगों की दशा व दिशा पर मनन चिन्तन व रणनीति तय की जाएगी। 

19 को होंगे ये कार्यक्रम
19 फरवरी को दोपहर तीन बजे से पिछड़ा अल्पसंख्यक समाज के उन प्रतिभावान व्यक्तित्व का नागरिक अभिनन्दन किया जाएगा, जिन्होंने अपने दम पर भारत और समाज के मान को बढ़ाया। कार्यक्रम में संयोजक तुलसीराम यादव, प्रतिभा सम्मान समारोह के संरक्षक व पूर्व शासकीय अधिवक्ता महेन्द्र सिंह यादव, अध्यक्ष धर्मेश यादव (उपाध्यक्ष बार काउंसिल यूपी), टीकम सिंह कुशवाह, रामायण पटेल, विकास मौर्य, समी आगाई, एडवोकेट प्रदीप यादव, कुंदन सिंह लोधी, कैप्टन केशव देव, डॉ. श्रीकृष्ण यादव, हरि सिंह यादव एडवोकेट, कार्यक्रम कोर्डिनेटर हरीश चिमटी मौजूद थे।


इन बिन्दुओं पर होगी चर्चा
-स्वामिनाथन आयोग लागू करवाना।
-सच्चर कमेटी व श्रीकृष्ण आयोग की सिफारिशों को लागू करवाना।
-हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट न्यायधीशों की नियुक्ति का कोलेजियम सिस्टम समाप्त कर नई परीक्षा पद्धति लागू करवाना।
-केजी से पीजी तक मुफ्त और एकसमान शिक्षा।
-सबके लिए मुफ्त स्वास्थ सेवा के क्रम में कैंसर, हार्ट अटैक, लिवर, किडनी आदि जैसी जानलेवा बीमारियों के उपचार की सुविधा।
-निश्चलनिकरण के बाद सभी टैक्स रद्द कर बैंक टर्नोवर टैक्स लागू करने की तारीख घोषित करने का दबाव बनाना।
-पर्सनल परीक्षा के नाम पर किए जाने वाले पक्षपात को समाप्त किए जाने के लिए यूपीएसई, पीसीएस जैसी राज्य और केन्द्र की सभी परीक्षाएं लिखित में की जाएं।
-देश के हर जिले में सीनियर सिटिजन होम में वृद्धों के लिए दवा और खाने की मुफ्त सुविधा।
-देश में नदी, तालाब और जंगल को सुरक्षित रखने के लिए कानून बनाए जाने पर।

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