राजा की एक चाल ने बदल दिया 'शतरंज' का खेल

Agra, Uttar Pradesh, India
राजा की एक चाल ने बदल दिया 'शतरंज' का खेल

जो नेता कल तक राजा अरिदमन सिंह का खुल कर विरोध कर रहे थे, क्या वह अब राजा का प्रचार करते नजर आएंगे।

अमित शर्मा
आगरा।
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रहे और मौजूदा सपा विधायक राजा अरिदमन सिंह ने भाजपा का दामन थाम लिया है। आगरा में इन चुनावों को देखते हुए अब तक का सबसे बड़ा घटनाक्रम है। राजा अरिदमन सिंह के भाजपा में आने से चार विधानसभाओं का समीकरण बदला है वहीं संगठन पर भी इसका प्रभाव पड़ता दिख रहा है।

इन चार विधानसभाओं पर बदले समीकरण
राजा अरिदमन सिंह के भाजपा में आने के बाद सबसे बड़ा प्रभाव पड़ा है बाह विधानसभा पर। बाह विधानसभा से अरिमदमन सिंह खुद चुनाव लड़ते हैं। 2012 में वह साइकिल की सवारी कर विधानसभा पहुंचे थे। इस बार साइकिल की हालत खस्ता होने के नाते यहां बसपा बढ़त बनाए हुए दिख रही थी। अब राजा के भाजपा में आने से उन्हें भाजपा की टिकट का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। इसलिए अब बसपा और भाजपा में कांटे की टक्कर होती दिख रही है। वहीं फतेहाबाद, एत्मादपुर और खेरागढ़ विधानसभा पर भी प्रभाव पड़ेगा। एत्मादपुर, खेरागढ़ ठाकुर बाहुल्य विधानसभा सीट मानी जाती हैं वहीं फतेहाबाद बाह से लगी हुई विधानसभा सीट है। इसलिए अरिदमन सिंह इन तीनों सीटों पर भी ठाकुर बिरादरी को भाजपा के पक्ष में मोड़ने की कोशिश करेंगे।

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संगठन पर भी प्रभाव

भाजपा जिला अध्यक्ष श्य़ाम भदौरिया ने राजा अरिदमन सिंह की पार्टी में एंट्री का पुरजोर विरोध किया था। दरअसल श्याम भदौरिया अब तक जिले में अकेले ठाकुर चेहरे के तौर पर उभार ले रहे थे लेकिन अब राजा के आने से उनके कद पर भी प्रभाव पड़ सकता है। वहीं फतेहपुर सीकरी सांसद चौधरी बाबूलाल लगातार खुल कर राजा अरिदमन सिंह का विरोध करते रहे। बाह विधानसभा सीट फतेहपुर सीकरी लोकसभा के अंदर ही आ रही है। ऐसे में सांसद बाबूलाल के लिए भी ये मुश्किल दिख रही है कि कल तक जिसका विरोध करते रहे, अब क्या वह उसीको जिताने के लिए प्रचार करते दिखेंगे। 

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