जेटली का नहीं, उनकी नीति का विरोध: स्वामी

Mukesh Sharma

Publish: Oct, 18 2016 10:43:00 (IST)

Ahmedabad, Gujarat, India
जेटली का नहीं, उनकी नीति का विरोध: स्वामी

यूनिवर्सिटी के एक कार्यक्रम में पहुंचे राज्यसभा सांसद डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी ने संवाददाताओं से बातचीत

अहमदाबाद।यूनिवर्सिटी के एक कार्यक्रम में पहुंचे राज्यसभा सांसद डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि वे वित्तमंत्री अरुण जेटली के विरोधी नहीं हैं उनकी नीतियों के विरोधी हैं। जीएसटी और जीएसटीएन के मुद्दे पर कहा कि जहां पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदम्बरम गुड्स एंड सर्विस टैक्स के पक्षधर हैं। उनकी ही नीतियों को मौजूदा वित्तमंत्री अरुण जेटली अपनाने की कवायद कर रहे हैं।

उन्होंने जीएसटीएन को देश की गोपनीयता के लिए जोखिमकारक करार देते हुए कहा कि विदेशी कम्पनियों के हाथों में जीएसटीएन देने से कारोबारियों का डाटा उनके पास चला जाएगा। उन्होंने जीएसटी और जीएसटीएन के बीच फर्क भी समझाया। उन्होंने कहा कि यदि जीएसटीएन लागू किया गया तो वे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

पाकिस्तान के चार टुकड़े करने चाहिए

पाकिस्तान के मुद्दे पर पूछे गए सवालों पर कहा कि यदि पाकिस्तान सुधरना नहीं चाहता है तो उसके चार टुकड़े कर देने चाहिए।  जब तक पाकिस्तान की सेना पर नियंत्रण नहीं होगा, तब तक वह नहीं सुधरनेवाला। मौजूदा हालातों में नवाज शरीफ से बातचीत से कोई भी फायदा नहीं होने वाला है।

'कांग्रेस पाकिस्तान की भाषा बोल रहीÓ

सर्जिकल स्ट्राइक के मुद्दे पर स्वामी ने कांग्रेस पर प्रहार करते हुए कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक के मुद्दे पर कांग्रेस पाकिस्तान की भाषा बोल रही है। जब डीजीएमओ (डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री   ऑपरेशन) और वाइस चीफ ब्रीफिंग कर चुके तो फिर कांग्रेस को सवाल नहीं उठाने चाहिए। जहां दुनिया में कोई भी सवाल नहीं उठाता है तो फिर ऐसा लगता है कांग्रेस पाकिस्तान के दुष्प्रचार (प्रोपेगंडा) को दोहराने का प्रयास कर रही है। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू युनिवर्सिटी (जेएनयू) को जेहाद, कम्युनिस्ट और नक्सलियों का अड्डा बताया। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में जिनके पेपर प्रकाशित नहीं हुए हैं ऐसे प्रोफेसरों की छुट्टी कर देनी चाहिए।

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