वडनगर की बदलेगी सूरत

Mukesh Sharma

Publish: Apr, 21 2017 12:21:00 (IST)

Ahmedabad, Gujarat, India
वडनगर की बदलेगी सूरत

चाहे गुजरात पर्यटन निगम की पहचान वडनगर का तोरण हो या फिर या पाटण की राणी की वाव या महेसाणा

अहमदाबाद।चाहे गुजरात पर्यटन निगम की पहचान वडनगर का तोरण हो या फिर या पाटण की राणी की वाव या महेसाणा में मोढ़ेरा का सूर्य मंदिर यूं तो यह पहचान दुनियाभर में है, लेकिन अब और सैलानियों को आकॢषत करने के लिए केन्द्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने राज्य सरकार और रेल विभाग के साथ मिलकर इसे विकसित करने की कवायद शुरू की है। पर्यटन मंत्रालय ने स्वदेश दर्शन स्कीम का प्रारंभ किया है, जिसमें पाटण में राणी की वाव, वडनगर के तोरण और महेसाणा के मोढ़ेरा सूर्य मंदिर को करीब सौ करोड़ रुपए की लागत से विकसित किया जाएगा।


 इसके चलते न सिर्फ वडनगर बल्कि पाटण की भी सूरत बदलेगी। वडनगर में संभवत: सितम्बर तक रेलवे में आमान परिवर्तन कर ट्रेन चला दी जाएगी। इसके लिए हेरिटेज सर्किट बनाई गई है, जिसमें वडनगर में तानारीरी, बनासकांठा में अम्बाजी, पाटण में राणी की वाव और महेसाणा में मोढ़ेरा के सूर्य मंदिर को शामिल है।

केन्द्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने स्वदेश दर्शन स्कीम का प्रारंभ किया है, जिसमें हेरिटेज स्थलों को जोड़ा जाना है। इसके मद्देनजर गुजरात में महेसाणा के वडनगर और मोढ़ेरा का सूर्य मंदिर  विकसित होगा। वडनगर की बात की जाए तो हर वर्ष तानारीरी महोत्सव होता है तो मोढ़ेरा के सूर्य मंदिर में भी कला-संस्कृतिक संगम होता है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्मस्थल भी वडनगर ही है। सौ करोड़ रुपए की लागत से इन स्थलों का विकास किया जाएगा।  पर्यटन मंत्रालय का आदेश मिलने के बाद गुजरात सरकार, रेल विभाग और राज्य सरकार भी हरकत में आ गई है।

सूत्रों के अनुसार वडनगर रेलवे स्टेशन की तस्वीर बदली जाएगी। रेलवे स्टेशन की आंतरिक साजसज्जा होगी, तो टूरिज्म लांज, पार्किंग एरिया, सीसीटीवी कैमरा और पाथ-वे विकसित किया जाएगा। वहीं महेसाणा से वडनगर तक आमान परिवर्तन को भी गति दी जाएगी। संभवत: सितम्बर तक आमान परिवर्तन पूरा कर लिया जाएगा। वहीं  पाटण में राणी की वाव को वल्र्ड हेरिटेज में शामिल किया गया। इसके चलते राणी की वाव और पाटण स्टेशन को भी विकसित किया जाएगा।

 भारत में दो ही सूर्य मंदिर है, जिसमें उड़ीसा के कोणार्क का सूर्य मंदिर तो दूसरा महेसाणा में मोढ़ेरा का सूर्य मंदिर है। मोढ़ेरा सूर्य मंदिर में हर वर्ष कला और सांस्कृतिक संगम देखने को मिलता है। सैलानियों को आकर्षित करने के लिए मोढ़ेरा और महेसाणा को भी विकसित किया जाएगा।

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