सऊदी में फंसी महिला की वापसी

Mukesh Sharma

Publish: Mar, 20 2017 09:32:00 (IST)

Ahmedabad, Gujarat, India
सऊदी में फंसी महिला की वापसी

सऊदी अरब में फंसी धोलका की महिला हाफिजाबानू को गुजरात सरकार व शहर पुलिस, विदेश मंत्रालय की

अहमदाबाद।सऊदी अरब में फंसी धोलका की महिला हाफिजाबानू को गुजरात सरकार व शहर पुलिस, विदेश मंत्रालय की मदद से रविवार रात को सुरक्षित अहमदाबाद वापस लाने में सफल हुई है। सऊदी अरब के रियाद शहर में बंधक बनाकर रखी गई इस महिला के अहमदाबाद में रहने वाले परिजनों से संपर्क करने के बाद शिक्षामंत्री भूपेन्द्र सिंह चुड़ास्मा और शहर पुलिस ने महिला को वापस लाने की कोशिश शुरू की। पहले 16 मार्च को ही वापसी होनी थी, लेकिन एजेंट की ओर से पुलिस व सरकार को गुमराह करने के चलते ऐसा नहीं हो पाया, इसके चलते इसकी रविवार को वापसी हुई। सऊदी से रविवार सुबह वह मुंबई एयरपोर्ट पहुंची जहां से उसे महिला क्राइम ब्रांच की टीम लेकर रात को अहमदाबाद लौटी।


महिला क्राइम ब्रांच की सहायक पुलिस आयुक्त पन्ना मोमाया ने संवाददाताओं को बताया कि महिला को सुरक्षित वापस लाने में सफलता मिली है। उससे पूछताछ करना बाकी है। प्रारंभिक पूछताछ में उन्होने बताया कि एक साल पहले उन्हें ब्यूटी पार्लर का काम और नौकरी दिलाने के बहाने से सऊदी अरब अहमदाबाद की एजेंट रेहाना मलिक और मुंबई के एजेंट फारुख मंसूरी की ओर से भेजा गया था। लेकिन वहां पर उसे रियाद शहर में घर का काम कराया जाता था। उसने इनकार किया तोउसके साथ मारपीट की जाती थी। इसके अलावा उसे इंजेक्शन दिए जाने की बात वह बता रही हैं। इनकी स्थिति ठीक नहीं लगती जिससे मेडिकल जांच और विस्तृत पूछताछ के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। इस मामले में महिला को सऊदी अरब भेजने वाले दोनों ही एजेंटो रेहानाबानू को अहमदाबाद और फारुख को मुंबई से गिरफ्तार किया जा चुका है। रेहाना दो दिन और फारुख तीन दिन के पुलिस रिमांड पर है।

वेश्यावृत्ति के लिए डालते थे दबाव : हाफिजाबानू

सऊदी अरब से सुरक्षित वापस लौटी हाफिजाबानू ने कहा कि उस पर वेश्यावृत्ति के लिए दबाव डाला जाता था। हालांकि उसने हिम्मतनहीं हारी। उसने यहां संपर्क तो किया ही साथ ही अपने आप को सुरक्षित रखने के लिए कमरे में बंद रखा। उसे खाने पीने को भी नहीं दिया जाता था। एक बार वह भागने में सफल रही, लेकिन बाद में पकड़ी गई। इसके बाद उसके पैर में इंजेक्शन दिया गया, जिससे उसके पैर 15 से 20 दिन तक सुन्न रहे। हाफिजा ने बताया कि उसने सुना है कि कई और लड़कियां वहां पर फंसी हुई हैं।

शिक्षामंत्री ने की थी विदेश मंत्री से बात, लिखा पत्र

शिक्षामंत्री भूपेन्द्र सिंह चुड़ास्मा ने इस मामले में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से बात की थी और मदद करने के लिए पत्र भी लिखा था। निरंतर मामले का फॉलोअप भी किया।

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