एडवोकेट्स (संशोधन) बिल 2017 के विरोध में हाईकोर्ट के वकीलों ने किया कार्य बहिष्कार

Allahabad, Uttar Pradesh, India
  एडवोकेट्स (संशोधन) बिल 2017 के विरोध में हाईकोर्ट के वकीलों ने किया कार्य बहिष्कार

विधि आयोग के अध्यक्ष का फूंक पुतला, कहा- वकीलों के हित में नहीं है ये बिल

इलाहाबाद. एडवोकेट्स (संशोधन) बिल 2017 के विरोध में अधिवक्ताओं की प्रदेश व्यापी हड़ताल कर बार कौंसिल के आहवान पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने शुक्रवार को न्यायिक कार्य के बहिष्कार किया। इसी क्रम में इलाहाबाद में अधिवक्ताओं ने हाइकोर्ट के तीन नम्बर गेट पर संशोधन बिल की प्रतियां जलायी और राष्ट्रीय विधि आयोग के चेयरमैन न्यायमूर्ति बीएस चैहान का पुतला फूंककर विरोध प्रदर्शन किया। बार ने विरोध ज्ञापन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भेजने की बात कही है। 




बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मंगला प्रसाद त्रिपाठी ने बताया कि आयोग की सिफारिश के अनुसार यदि संशोधन बिल पास हो गया तो जज या न्यायिक अधिकारी को लापरवाही या अनुशासनहीनता की स्थिति में वकील के लाइसेंस निरस्त करने का अधिकार मिल जायेगा, जो वकीलों के हित में नही है। राज्य बार कौंसिल के आधे सदस्य हाईकोर्ट द्वारा नामित डाक्टर, इंजीनियर, व्यवसायी होंगे, जिन्हें वकालत का कोई लेना देना नही है। बार कौंसिल आफ इंडिया के सदस्यों का चुनाव नहीं होगा। 





उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश और केन्द्रीय निगरानी आयुक्त द्वारा आधे से ज्यादा सदस्य नामित होंगे तथा काम में लापरवाही पर वादकारी को वकील से हर्जाना वसूली का अधिकार होगा। इन संशोधनों के खिलाफ अधिवक्ता आंदोलित है। वकीलों का कहना है की एडवोकेट्स (एमेडमेंट) बिल 2017 वकीलों के स्वायत्तता और लोकतांत्रित व्यवस्था के विपरीत है, जिसका पुरजोर विरोध किया जायेगा। आंदोलित अधिवक्ताओं की मांग है कि इसे ड्राफ्ट करने वाले विधि आयोग के चेरमैन न्यायमूर्ति बीएस चैहान को उनके पद से हटाया जाय। 


देखें वीडियो-



बार काउंसिल आफ इण्डिया के प्रस्ताव 26 मार्च के अनुसार हाईकोर्ट बार एसोसिएशन इलाहाबाद की कार्यकारिणी की बीते 28 मार्च को एक बैठक हुई थी, जिसमें प्रस्ताव संख्या तीन द्वारा भारतीय विधि आयोग के चेयरमैन न्यायामूर्ति बीएस चैहान के द्वारा प्रस्तावित एडवोकेट्स (एमेंडमेंट) बिल 2017 का सर्वसम्मति से विरोध किया गया। एडवोकेट्स बिल 2017 की जानकारी देते हुए बताया कि जज या कोई भी न्यायिक पदाधिकारी लापरवाही व अनुशासनहीनता पर बिना नोटिस व सुनवाई का मौका दिये वकील का लाइसंस रद्द कर सकता है।


देखें वीडियो-


Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned