नोटबंदी के बाद हर तरफ मचा है हाहाकार, इलाहाबाद के बैंकों में कैश खत्म, लोग परेशान 

Allahabad, Uttar Pradesh, India
नोटबंदी के बाद हर तरफ मचा है हाहाकार, इलाहाबाद के बैंकों में कैश खत्म, लोग परेशान 

23 दिन बाद भी नहीं सामान्य हुए हालात, बैंक प्रबंधक का बयान-  आरबीआई से पैसे मिले तो दूर होगी किल्लत 

इलाहाबाद. इलाहाबाद जनपद के विभिन्न बैंकों  में पैसे की किल्लत बरकरार है। हालत ये है कि यहां के कई ब्रांच एक दूसरे से पैसे लेकर लोगों को पैसा बांटने को मजबूर हैं। ताकि लोगों के बवाल से बचा जा सके।

इलाहाबाद स्थित एक बैंक के शाखा प्रबंधक का कहना था कि बैंक में पैसे ना के बराबर हैं। गुरूवार को आरबीआई के पास जैसे ही फोन कर पैसे की डिमांड की वहां फोन ही रख दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार पंजाब नेशनल बैंक में कल 40 करोड़ रुपये आये हैं। इसके बावजूद कर्मचारियों को 4- 4 हजार रुपये ही बांटे गए। एसबीआई शाखा इलाहाबाद की चेस्ट ब्रांच के अंतर्गत 35 बैंक ब्रांच हैं। इसी चेस्ट ब्रांच से 35 ब्रांचों को पैसे जाते हैं। 

प्रबंधक एचआर पाण्डेय के अनुसार इस समय ब्रांच को देने के लिए एक पैसे भी नहीं हैं। 8 नवंबर के बाद जो 20 करोड़ मिले थे खत्म हो चुके हैं। दूसरे बैंकों से लेकर काम चल रहा है, अब आरबीआई से पैसे मिले तो थोड़ी किल्लत दूर हो।



लोगों की मिली जुली प्रतिक्रिया 
भरत कुमार केड़िया के अनुसार सबसे ज्यादा तो बच्चों की फीस जमा करने की दिक्कत है। स्कूल वाले पहले ही फ़ीस के लिए चिल्लाने लगते हैं। ड्यूटी से छुट्टी लेकर यहां लाइन में लगे हैं। किसी तरह फ़ीस तो जमा करना ही है। 

वहीं देवेंद्र तिवारी के अनुसार पीएम नरेंद्र मोदी ने ठीक किया है। अब कुछ अच्छा हो रहा है। कुछ नया होता है तो शुरू में थोड़ी दिक्कत जरूर आती है। धीरे धीरे सब ठीक हो जायेगा। शुरू में थोड़ा सब्र तो करना जोड़ेगा।

राम आधार राम के अनुसार महीना शुरू होते ही दूकान से लेकर स्कूल तक का हिसाब शुरू हो जाता है। बैंक पूरा पैसा दे नहीं रहे। घर का काम प्रभावित ना हो इसके लिए रोज रोज आकर पैसे निकलेंगे। वैसे जो हो रहा है ठीक है। बहुत ज्यादा काम प्रभावित नहीं हो रहा है।

मुकेश पटेल ने कहा नोट बंदी का असर बहुत ज्यादा नहीं कह सकते। समस्या उनके लिए हैं जो काला धन रखे हैं। जमा करने में दिक्कत है। आम आदमी तो पहले भी परेशान था। उसके लिए बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। ख़ुशी तभी होगी जब काले धनवालों पर कार्रवाई हो।

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