आयोग की नियुक्तियां रोकने पर योगी सरकार से जवाब तलब व  समेत हाईकोर्ट की बड़ी खबरें

Allahabad, Uttar Pradesh, India
आयोग की नियुक्तियां रोकने पर योगी सरकार से जवाब तलब व  समेत हाईकोर्ट की बड़ी खबरें

जेपी विश्वविद्यालय का पट्टा रद्द, उत्तमपुर चीनी मिल बरकतपुर को ईडी का नोटिस, पांचूराम यूपी बार काउंसिल के अध्यक्ष

इलाहाबाद। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग लखनऊ द्वारा समूह ग और अन्य पदों की भर्ती प्रक्रिया रोकने के खिलाफ दाखिल याचिका पर प्रदेश सरकार से इसकी वहज पूछी है। कोर्ट ने सरकार से इस मुद्दे पर स्पष्ट हलफनामा मांगा है। इस मामले पर दाखिल अभिषेक और अन्य की याचिकाओं पर न्यायमूर्ति अभिनव उपाध्याय सुनवाई कर रहे हैं।



उत्तम चीनी मिल बरकतपुर के ईडी को नोटिस
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तम चीनी मिल बरकतपुर के कार्यकारी निदेशक (एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर) अशोक कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है कि क्यों न उनके खिलाफ  अवमानना की कार्यवाही की जाए? साथ ही जिलाधिकारी बिजनौर से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है और पूछा है कि बैंक हित के खिलाफ  बंधक स्टाक चीनी बेचने की अनुमति कैसे दी। इसकी अगली सुनवाई पर 4 अगस्त 2017 को दोनों अधिकारियों को पेश होना है।


यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण टंडन तथा न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी की बेंच ने चीनी मिल की याचिका पर दिया है। मालूम हो कि सितम्बर 2014 में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन की जनहित याचिका पर स्टाक चीनी बेचकर किसानों के बकाये के भुगतान का आदेश दिया गया था। किन्तु जिलाधिकारी ने जुलाई में ही 7746.21 लाख की चीनी बेचने की मिल को अनुमति दे दी। कोर्ट ने बैंक को पक्षकार बनाने का भी आदेश दिया। कोर्ट ने कहा, दूसरे की याचिका पर पारित अन्तरिम आदेश को जनहित याचिका पर पारित आदेश का सहारा लेकर चीनी बेचने की अनुमति दे दी। बैंक हितों की अनदेखी की गयी। डीएम ने गुमराह किया कि हाईकोर्ट के आदेश पर चीनी स्टाक बेचा जा रहा है जबकि कोर्ट का ऐसा आदेश ही नहीं था। आदेश आया तो दो महीने बाद आया। चीनी मिल ने कोर्ट के आदेश का गलत फायदा उठाया और कोर्ट की अवहेलना की।


याचीगण के अधिवक्ता का कहना था कि आयोग द्वारा समूह ग के 5288 पदों के लिए 10 फरवरी 16 और सहायक लेखाकार और लेखा परीक्षक के 2874 पदों के लिए 16 जुलाई 16 को विज्ञापन जारी किया गया। इनकी लिखित परीक्षा, टाइप टेस्ट और साक्षात्कार की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। इस बीच सूबे में सरकार बदल गई और आयोग ने 30 मार्च 2017 को सभी नियुक्ति प्रक्रियाओं पर रोक लगा दी। याचीगण का कहना था कि चार माह बाद भी न तो कोई जांच की जा रही है न ही प्रक्रिया पूरी हो रही है। अब इस मामले में एक माह बाद सुनवाई होगी।




जेपी विश्वविद्यालय को दी गई जमीन का पट्टा रद्द
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने जेपी ग्रुप ट्रस्ट के जेपी विश्वविद्यालय अनूपशहर, बुलंदशहर को जमीन का पट्टा अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया है। बाजार मूल्य से कम किराये पर नगर पालिका परिषद अनूपशहर के प्रस्ताव से ट्रस्ट को 40 एकड़ जमीन 40 हजार प्रतिवर्ष किराये पर दी गयी थी। छात्रों के भविष्य को देखते हुए कोर्ट ने जिलाधिकारी को जमीन की कीमत का नये सिरे से आंकलन करने को कहा है। ट्रस्ट कीमत का भुगतान कर देता है तो परिषद को नियमानुसार कार्यवाही का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि पट्टा निरस्त होने से निर्माण ध्वस्त होगा और विवि बंद होगा। यह जनहित में नहीं होगा।


यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण टंडन तथा न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी की बेंच ने नत्थीमल व तीन अन्य की याचिका पर दिया। याचिका में बिना नीलामी प्राइवेट ट्रस्ट को जमीन देने को चुनौती दी गयी थी। 37 लाख प्रति एकड़ की जमीन एक हजार प्रति एकड़ पर प्राइवेट ट्रस्ट को देने का आरोप है। कोर्ट ने कहा, नियमावली व नगर पालिका अधिनियम व 24 जनवरी 2001 के शासनादेश के तहत परिषद को पट्टे पर राज्य सरकार की अनुमति लेकर देने का अधिकार है। ट्रस्ट ने शिक्षण संस्थान के लिए जमीन की अर्जी दी और परिषद के प्रस्ताव पर 40 एकड़ जमीन पट्टे पर दे दी गयी। पहले इंजीनियरिंग कॉलेज बना बाद में राज्य विश्वविद्यालय बना है। जमीन की नीलामी जरूरी थी किन्तु जमीन से खली जनहित में नहीं है। परिषद ने कानून के विपरीत काम किया है। जिलाधिकारी की रिपोर्ट में सरकार को 24 करोड़ का नुकसान बताया गया है। इस पर कोर्ट ने नुकसान की भरपाई करने की छूट दी है।




पांचूराम यूपी बार काउंसिल के अध्यक्ष, मेहरोत्रा उपाध्यक्ष
पांचूराम मौर्य यूपी बार काउंसिल के अध्यक्ष और श्रीश मेहरोत्रा उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। हाईकोर्ट के निर्देश पर ओएसडी अनूप कुमार गोयल की देखरेख में रविवार को दोनों पदों पर चुनाव से पहले काउंसिल की बैठक भी संपन्न हुई। अध्यक्ष चुने गए पांचूराम मौर्य ने रोहिताश्व अग्रवाल पर दो वोट से जीत दर्ज की। अध्यक्ष के लिए तीन प्रत्याशी मैदान में थे। पहले चरण में मौर्य को 10, रोहिताश्व अग्रवाल को आठ व कुमारी दरवेश को छह मत मिले थे। दूसरे चक्र में दरवेश के छह मतों में से पांचूराम मौर्य व रोहिताश्व अग्रवाल को तीन-तीन वोट मिले। उसके बाद पांचूराम मौर्य अध्यक्ष पद पर निर्वाचित घोषित किए गए।



उपाध्यक्ष पद पर मेहरोत्रा व आईके चतुर्वेदी को 12-12 बराबर वोट मिले थे। बाद में चतुर्वेदी के दावा छोडने से मेहरोत्रा निर्वाचित घोषित कर दिए गए। उपाध्यक्ष रहे चतुर्वेदी लिखित रूप से मेहरोत्रा के हक में अलग हो गए। चुनाव से पहले हुई काउंसिल की बैठक के बारे में सचिव डॉ. रामजीत सिंह यादव ने बताया कि तीन घंटे की बैठक में कई प्रस्तावों पर चर्चा हुई। कई प्रस्ताव पास हो गए। वहीं, चुनाव के दौरान दोपहर दो से तीन बजे का समय नाम वापसी के लिए था। चार से पांच बजे मतदान हुआ। साढ़े पांच बजे से मतगणना पूरी होने पर परिणाम भी घोषित कर दिए गए।

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