इस सूफी संत की दरगाह पर गूंजा...सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तान हमारा

Nitin Srivastava

Publish: Jul, 17 2017 12:49:00 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
 इस सूफी संत की दरगाह पर गूंजा...सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तान हमारा

अम्बेडकर नगर में विश्व प्रसिद्ध किछौछा दरगाह शरीफ में स्प्रिचुअल फाउंडेशन द्वारा ईद मिलन समारोह का आयोजन किया गया। जिसकी शुरुआत सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा...गीत से हुई।

अम्बेडकर नगर. विश्व प्रसिद्ध किछौछा दरगाह शरीफ में स्प्रिचुअल फाउंडेशन द्वारा ईद मिलन समारोह का आयोजन किया गया। जिसकी शुरुआत सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा...गीत से हुई। स्प्रिचुअल फाउंडेशन जामिया सुफिया की तरफ से आयोजित इस समारोह में ईद मिलन के माध्यम से आपसी भाई चारा बढ़ाने के उद्देश्य से समारोह में पहुंचे कई जानी मानी हस्तियों ने हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी के साथ-साथ संस्कृत भाषा में भी अपना वक्तव्य देकर यह बताने का प्रयास किया कि इस देश में जिस प्रकार से विभिन्न भाषाओं के होने के बावजूद इनमें आपस में कोई भेदभाव नहीं है। उसी प्रकार भारत में विभिन्न जाति धर्म और मजहब के लोगों के होने के बावजूद आपस में कोई मतभेद नहीं है।


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गले मिलकर दी मुबारकबाद

सारे जहां से अच्छा गीत के बाद ईद मिलन समारोह का कार्यक्रम शुरू हुआ, जिसमें लोगों ने एक दूसरे से गले मिलकर मुबारकबाद दिया और कार्यक्रम के दौरान ही जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा अमरनाथ यात्रियों पर किये गए हमले की निंदा करते हुए उनकी मौत पर शोक सभा भी की। इसमें संस्कृत में सम्बोधन कर आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से पूरे देश की एकता और अखंडता की बात कही गई। साथ ही गंगा जमुनी तहजीब को मजबूती देने का प्रयास किया गया।




सोशल मीडिया को बताया विघटनकारी

इस कार्यक्रम के माध्यम से देश में जगह जगह होने वाले साम्प्रदायिक तनाव और उन्माद के पीछे शोशल मीडिया को जिम्मेदार बताया गया। कार्यकम में बतौर मुख्य अतिथि मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन भारत सरकार के सदस्य सैय्यद बाबर अशरफ ने सोशल मीडिया पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि देश की युवा पीढ़ी आजकल इंटरनेट के माध्यम से सोशल मीडिया का प्रयोग बड़े पैमाने पर कर रही है, लेकिन इसकी कुछ खूबियों को छोड़कर दुरूपयोग ज्यादा दिखाई पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से तमाम विघटनकारी तत्व नफरत फैलाने वाली सामग्री को पोस्ट कर देते हैं, जो हजारों और लाखों की संख्या में लोगों के हाथों में पहुंच जाता है और जिसकी वजह से कई बार विघटन और उन्माद की स्थिति पैदा हो जाती है।




देश को कमजोर करती है नफरत

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर सदस्य मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन भारत सरकार और अध्यक्ष सदा ए सूफिया ए हिन्द सैय्यद बाबर अशरफ शामिल हुए। उन्होंने सोशल साइटों पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि भारत की गंगा जमुनी तहजीब जो पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। इसको खतरे में डाला जा रहा है और उसका जरिया सोशल मीडिया बन रहा है। चाहे वह फेसबुक हो, व्हाट्सएप्प हो या अन्य साधन। इससे समाज में नफरत फैलाने का कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि नफरत देश को कमजोर करती है और तरक्की की राह पर जाने से रोकती है। ईद मिलन समारोह के आयोजक ने कहा कि यह कार्यक्रम समाज को जोड़ने के लिए किया गया है, हम किसी भी समाज, जाति या धर्म के हों, हमें समाज को जोड़कर चलना चाहिए और इसी से एकता और अखंडता कायम रह सकती है। कार्यक्रम में कई गणमान्य लोगों के अलावा सैकड़ों की संख्या में जामिया सुफिया के छात्र भी शामिल हुए और अपने विचारों को रखा।


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