दिल्ली-काबुल की दोस्ती पाक को नापसंद, आतंक के जरिए चला रहा प्रॉक्सी वॉर: विशेषज्ञ

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दिल्ली-काबुल की दोस्ती पाक को नापसंद, आतंक के जरिए चला रहा प्रॉक्सी वॉर: विशेषज्ञ

पाकिस्तान भारत और अफगानिस्तान को करीब आने नहीं देना चाहता। वो नहीं चाहता दोनों देशों के बीच मधुर संबंध कायम रहे। इसके लिए पाकिस्तान इन दोनो देशों में हक्कानी नेटवर्क और तालिबान जैसे संगठनों की सहायता से प्रॉक्सी वार चला रहा है। अमरीकी कांग्रेस में चल रही सुनवाई के दौरान यूएस के डिफेंस एक्सपर्टों ने ये बातें कही।

नई दिल्ली। पाकिस्तान भारत और अफगानिस्तान को करीब आने नहीं देना चाहता। वो नहीं चाहता दोनों देशों के बीच मधुर संबंध कायम रहे। इसके लिए पाकिस्तान इन दोनो देशों में हक्कानी नेटवर्क और तालिबान जैसे संगठनों की सहायता से प्रॉक्सी वार चला रहा है। अमरीकी कांग्रेस में चल रही सुनवाई के दौरान यूएस के डिफेंस एक्सपर्टों ने ये बातें कही। सुनवाई में शामिल हुए अमरीकी संस्था 'इंटरनेशनल सिक्युरिटी एंड डिफेंस पॉलिसी सेंटर' के डायरेक्टर सेथ जोन्स ने कहा, "भारतीय उपमहाद्वीप पर भारत का सबसे मजबूत क्षेत्रीय सहयोगी अफगानिस्तान है। मगर इस सच्चाई को पाकिस्तान नहीं मानता।"‘‘

यूएन कांग्रेस के सदस्यों ने भी माना  
वहीं अमरीकी कांग्र्रेस के सदस्य टेड पो ने कहा, "भारत व अफगानिस्‍तान के खिलाफ पाकिस्‍तान ने जम्‍मू-कश्‍मीर जैसी विवादित जगहों पर अपनी विदेश नीति के लक्ष्‍य को बढ़ाने का काम किया है। इसके लिए पाकिस्तान ने छद्म संगठनों का सहारा लिया है। इसका मतलब है, हक्‍कानी नेटवर्क व तालिबान जैसे संगठनों का समर्थन करना।"‘‘ 

अब खुद के आतंकियों से त्रस्त हो रहा पाक 
अमरीकी कांग्रेस में आतंकवाद के मुद्दें पर चल रही सुनवाई में शामिल हुए 'लॉन्ग वॉर जर्नल' के संपादक बिल रोजियो ने कहा कि पाकिस्‍तान सरकार भारत के साथ प्रत्येक विषय को युद्ध के चश्मे से ही देखती है। रोजियो का कहना है कि पाकिस्तान ने जिन आतंकवादी संगठनों को भारत और अफगानिस्तान के विरुद्ध खड़ा किया था, वही संगठन अब पाकिस्तान पर हमला बोल रही हैं। जब तक पाकिस्‍तानी सरकार, नेता व सैन्‍य खुफिया एजेंसियां इनको नियंत्रित नहीं कर लेतीं, तब तक इस समस्‍या का समाधान नहीं मिलेगा। 

पाक को मिलने वाली अमरीकी आर्थिक सहायता बंद हो 
अमरीकी कांग्रेस में चले इस सुनवाई की अध्‍यक्षता करने वाले टेड पोए ने कहा कि अमरीका की ओर से पाक को मिलने वाली आर्थिक सहायता अब बंद होनी चाहिए। टेड ने बताया कि हालिया वर्षों में अमरीका ने पाकिस्‍तान को सहायता के तौर पर 33 बिलियन डॉलर से ज्‍यादा की रकम दी है। फिर भी पाक के आतंकियों ने अमरीकियों पर खुब निशाना साधा है। 

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