इमरजेंसी में कैैसे बचाएं लोगों की जान

praveen praveen

Publish: Feb, 16 2017 11:30:00 (IST)

Ashoknagar, Madhya Pradesh, India
इमरजेंसी में कैैसे बचाएं लोगों की जान

 अशोकनगर. संजीवनी 108 और डायल 100 को लेकर लोग असमंजस में रहते हैं। किन परिस्थितियों में संजीवन 108 को कॉल करना है, ये लोगों को पता होना चाहिए।

 अशोकनगर. संजीवनी 108 और डायल 100 को लेकर लोग असमंजस में रहते हैं। किन परिस्थितियों में संजीवन 108 को कॉल करना है, ये लोगों को पता होना चाहिए। इसलिए जागरुकता शिविरों का आयोजन किया जा    रहा है।
   यह बात 108 के अधिकारी राजा यादव ने उत्कृष्ट स्कूल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने बताया मिर्गी आना, चक्कर आना या एक्सीडेंट में गंभीर घायलों का अधिक रक्त बह जाने से जान का खतरा होता है। ऐसे में आप प्राथमिक चिकित्सा दे सकते हैं। यदि किसी को चक्कर आया है तो उसके हाथ-पैर घिसेंगे, यदि किसी का रक्त बह रहा है तो साफ-सुथरे कपड़े से चोट को बांध दें। रक्त बहने से व्यक्ति को सबसे अधिक जान का खतरा होता है। यदि किसी सांस नहीं आ रही है तो उसकी छाती दबाकर पंप करें। साथ ही यह भी ध्यान रखें कि इन गतिविधयों के दौरान आपका तरीका सही हो। यदि आपका तरीका गलत है तो इससे खतरा भी हो सकता है। इस दौरान उन्होंने स्ट्रेचर निकालकर और उस पर बच्चों को लेटाकर डैमो भी दिया। 108 में रखे यंत्रों के काम करने का प्रदर्शन भी किया। फस्र्ट एड के लिए क्या-क्या रखना चाहिए, इसकी जानकारी बच्चों को दी गई।

किन परिस्थितियों में लगाए फोन
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को यह भी बताया गया कि 108 को किन परिस्थितियों में कॉल लगाना चाहिए। इसके बाद बच्चों को 108 नंबर को कॉल करने और कॉल सेंटर पर कैसे बात करनी है, यह जानकारी भी बच्चों को दी गई। राजा यादव ने बताया कि शिक्षण संस्थान शिविर के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है स्कूल आते-जाते बच्चों के सामने ऐसी परिस्थितियां आ सकती हैं।

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned