दक्षिण चीन समुद्र पर विवाद गहराया, ड्रैगन ने तैनात किए रॉकेट लॉन्चर्स

Asia
दक्षिण चीन समुद्र पर विवाद गहराया, ड्रैगन ने तैनात किए रॉकेट लॉन्चर्स

चीन ने दक्षिण चीन समुद्र के विवादित द्वीप पर अपने रॉकेट लॉन्चर्स तैनात कर दिए हैं। इस कदम से क्षेत्र के पड़ोसी देशों के बीच तानातनी फिर बढ़ गई है। 

नई दिल्ली. चीन ने दक्षिण चीन सागर के विवादित द्वीप पर अपने रॉकेट लॉन्चर्स तैनात कर दिए हैं। इस कदम से क्षेत्र के पड़ोसी देशों के बीच तानातनी फिर बढ़ गई है। चीन इस विवादित द्वीप से वियतनाम के सैन्य गोताखोरों को दूर रखना चाहता है। इसी के कारण उसने रॉकेट लॉन्चर्स तैनात करने का फैसला किया है। इस कदम का खुलासा चीनी न्यूज पेपर डिफेंस टाइम्स ने अपने एक रिपोर्ट से की है। अखबार ने मंगलवार को इस पर एक लेख प्रकाशित की। बता दें कि इस द्वीप के कारण चीन का वियतनाम, फिलीपिंस और ताइवान के साथ गतिरोध लंबे समय से कायम है। साथ ही इस विवादित द्वीप पर चीन की आक्रामक नीति का विरोध भारत और अमरीका समेत दुनिया के कई देश करते रहे हैं।  

रिपोर्ट में है ये लिखा 
न्यूजपेपर डिफेंस टाइम्स ने मंगलवार को अपने WeChat अकाउंट पर अपनी रिपोर्ट में बताया कि विवादित स्प्रैटली आइलैंड के फियरी क्रॉस रीफ पर चीन ने नॉरिनको CS/AR-1 55 mm एंटी फ्रॉगमैन रॉकेट लॉन्चर्स डिफेंस सिस्टम तैनात किया है। ऐसा दुश्मन के कॉम्बैट डायवर्स पर हमला करने और अपनी क्षमता आंकने के लिए किया गया है। हालांकि रिपोर्ट में इस बात का खुलासा नहीं किया गया है कि रॉकेट लॉन्चर्स कब तैनात किए गए। बस इतना बताया गया कि यह कारवाई डिफेंस एक्टिविटीज का हिस्सा है। 

व्यापार के नजरिए से महत्वपूर्ण है ये क्षेत्र
दक्षिण चीन समुद्र का यह क्षेत्र वैश्विक व्यापार के नजरिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। अनुमानतः इस क्षेत्र से हर साल 5 लाख करोड़ यूएस डॉलर से ज्यादा का ट्रेड होता है। व्यापार के लिए ही कई देश इस द्वीप पर अपना दावा ठोकते रहे है। 

ये है विवाद की असली वजह 
यह सामुद्रिक क्षेत्र करीब 35 लाख स्क्वेयर में फैला हुआ है। यहां तेल और गैस के बड़े भंडार दबे हुए हैं। अमेरिका के मुताबिक इस इलाके में 213 अरब बैरल तेल और 900 ट्रिलियन क्यूबिक फीट नेचुरल गैस का भंडार है। इस पर चीन, फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया, ताइवान और ब्रुनेई दावा करते रहे हैं।

भारत का ये है रुख 
अंतर्राष्ट्रीय महत्व के इस विवादित क्षेत्र में भारत वियतनाम और अंतर्राष्ट्रीय नियमों के साथ है। वियतनाम ने इस इलाके में भारत को तेल खोजने की कोशिशों में शामिल होने का आमंत्रित कर चुका है। 

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned