CPEC पर पाक मीडिया ने उठाए गंभीर सवाल, देश की सुरक्षा के लिए बताया खतरनाक

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CPEC पर पाक मीडिया ने उठाए गंभीर सवाल, देश की सुरक्षा के लिए बताया खतरनाक

सीपीईसी  पर पाकिस्तान के अंग्रेजी अखबार ने कई गंभीर सवाल उठाए हैं। अखबार ने पाक सरकार को चेतावनी दी है कि चीन इसको लेकर उसे मोहरा बना रहा है। अखबार का दावा है कि इससे चीन का पाकिस्तान के आतंरिक सुरक्षा पर दखल बढ़ेगा, जो कि पाक के लिए शुभ संकेत नहीं है।

नई दिल्ली. चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर (सीपीईसी) पर पाकिस्तान के एक स्थानीय अंग्रेजी अखबार ने सवाल उठाए हैं। अखबार का कहना है कि सीपीईसी में कुछ तो गड़बड़ है, जिसकी वजह से भारत ने भी  इस पर चिंता जाहिर की है। अंग्रेज़ी अखबार के पत्रकार नादिर हसन ने शुक्रवार को पाकिस्तान को चेतावनी दी कि इस परियोजना से चीन अपना हित साध रहा है। नादिर ने अखबार में लिखा है कि सीपीईसी में पाकिस्तान के लिए चिंताजनक पहलू है। स्टाफ लेखक नादिर ने द न्यूज़ इंटरनेशनल में कहा कि गलियारा परियोजना पाकिस्तान के हितों से परे हो सकती है। नादिर ने आगे लिखा है कि इससे चीन पाकिस्तान पर अपना नियंत्रण और मजबूत करेगा। 

चीन से पाकिस्तान को आंतरिक खतरा
अंग्रेजी अखबार द न्यूज़ इंटरनेशनल में नादिर ने लिखा है कि सीपीईसी से चीन को पाकिस्तान में अपने पैर और पसारने का मौका मिल जाएगा जो देश के आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से खतरा भी पैदा हो सकता है। हसन ने कहा कि अधिकांश देशों की तुलना में चीन ऑनलाइन स्वतंत्रता के प्रति कम प्रतिबद्धता है और देश के ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क को नियंत्रित करना खतरनाक है, जोकि हैकिंग के लिए चीनी सरकार की प्रवृत्ति है। उन्होंने आरोप लगाया कि सिर्फ विकास और आर्थिक विकास के नाम पर चीन को अधिक स्वतंत्रता नहीं दी जा सकती। 

पाकिस्तान को मोहरा बना रहा है चीन
नादिर हसन ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ के उस दावे का भी जिक्र किया है जिनमें उन्होंने कहा था कि चीन हमारी सहायता के लिए कोई कीमत नहीं मांग रहा है। हसन ने कहा कि सीपीईसी परियोजनाओं के लिए अनुबंध बिना किसी बोली के चीन को दिए गए थे। इसके अलावा वे लिखते हैं कि चीन सीपीईसी मामले पर हमेशा कहता रहा है कि वह इससे कोई फायदा नहीं उठा रहा है लेकिन यह बात उसकी असत्य है।

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