इराकी सेना ने आईएस के चंगुल से मोसुल के और क्षेत्रों को को मुक्त करा

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इराकी सेना ने आईएस के चंगुल से मोसुल के और क्षेत्रों को को मुक्त करा

इराकी प्रधानमंत्री व सैन्य बलों के कमांडर-इन-चीफ हैदर अल-अबादी ने 19 फरवरी को मोसुल के पश्चिमी हिस्से से आईएस आतंककारियों को खदेडऩे के लिए अभियान चलाए जाने की घोषणा की थी

मोसुल। इराक में सरकारी सुरक्षा बलों ने इस्लामिक स्टेट (आईएस) से भीषण लड़ाई लड़ते हुए पश्चिमी मोसुल के कुछ अन्य इलाकों को अपने नियंत्रण में ले लिया है, जबकि आईएस को निशाना बनाकर किए गए एक अंतरराष्ट्रीय हवाई हमले में आईएस के छह आतंकवादी मारे गए। संयुक्त अभियान कमान से जुड़े अब्दुल-आमिर याराल्लाह ने अपने बयान में कहा कि आतंकवाद-रोधी सेवा के कमांडोज ने आईएस आतंककारियों के साथ भीषण लड़ाई लड़ी और पश्चिम में नबलुस इलाके को मुक्त करा लिया तथा इसकी कुछ इमारतों पर इराकी झंडे फहरा दिए।

सीटीएस के विशेष बल आसपास के कई इलाकों में भी आईएस से लड़ रहे हैं। जेओसी ने अपने बयान में कहा कि इस बीच, अमरीका के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना ने हवाई हमलों में छह आईएस आतंककारियों को मार गिराया। ये हमले पश्चिम मोसुल में आईएस के कब्जे वाले सूक अल-शारीन इलाके में हुए।

इराकी प्रधानमंत्री व सैन्य बलों के कमांडर-इन-चीफ हैदर अल-अबादी ने 19 फरवरी को मोसुल के पश्चिमी हिस्से से आईएस आतंककारियों को खदेडऩे के लिए अभियान चलाए जाने की घोषणा की थी।


मोसुल में अंदर तक घुसी इराकी सेना

मोसुल। इराकी सुरक्षा सेना शनिवार को इस्लामिक स्टेट (आईएस) आतंककारियों को करारा जवाब देते हुए मोसुल शहर के पश्चिमी हिस्से में अंदर तक घुस गई। ज्वाइंट ऑपरेशंस कमांड के लेफ्टिनेंट जनरल अब्दुल आमिर यारालाह ने बताया कि संघीय पुलिस और आंतरिक मंत्रालय की विशेष सेना, जिसे रैपिड रेस्पांस नाम से भी जाना जाता है, मोसुल शहर के मध्य में स्थित बाब अल तोउब इलाके तक पहुंच गई।

इस दौरान हालांकि आईएस आतंककारियों के साथ उसका घमासान युद्ध हुआ। इस घटनाक्रम में आईएस के कई आतंकी मारे गए। बाब अल तोउब में हुए इस हमले में तीन कार बम और 20 विस्फोटकों को बेकार किया गया।


सैफुल्ला के आईएस से संबंध नहीं, खुद बना आतंकी : यूपी पुलिस
लखनऊ/कानपुर। उत्तर प्रदेश पुलिस ने बुधवार को कहा कि आतंकवाद-रोधी अभियान में मारे गए संदिग्ध आंतकी कानपुर निवासी सैफुल्ला और गिरफ्तार किए गए उसके पांच सहयोगियों के आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) से संबंध होने के सबूत नहीं मिले हैं। उधर कानपुर में सैफुल्ला के पिता ने देशद्रोही बताते हुए अपने बेटे का शव लेने से इनकार कर दिया है। उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से जारी किए गए आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सैफुल्ला और पांच अन्य संदिग्ध खुद से आतंकी बने थे और उनकी योजना लखनऊ में एक पृथक आतंकी संगठन 'इस्लामिक स्टेट खोरासान' गठित करने की थी।

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने राजधानी के ठाकुरगंज इलाके में स्थित हॉजी कॉलोनी के एक घर में छिपे कानपुर के मनोहर नगर के निवासी सैफुल्ला को 11 घंटे तक चले अभियान में मुठभेड़ के बाद बुधवार को अल-सुबह 3.0 बजे मार गिराया। एटीएस के महानिरीक्षक असीम अरुण ने सैफुल्ला के मारे जाने की पुष्टि की।
उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) दलजीत चौधरी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, सैफुल्ला और उसके पांचों सहयोगियों खुद से आतंकवाद का रास्ता अपनाया था। उन्हें विदेश से आर्थिक मदद नहीं मिल रही थी। उन्होंने अपनी निजी संपत्ति से सारे इंतजाम किए। वे यहां एक आतंकवादी संगठन आईएस खुरासान बनाना चाहते थे और कई जगहों पर आतंकवादी वारदात की साजिश रच रहे थे।

अधिकारी ने बताया कि मध्य प्रदेश में मंगलवार को एक ट्रेन में हुए बम विस्फोट के बाद उन्हें विभिन्न खुफिया विभागों से लखनऊ, कानपुर और इटावा में संदिग्ध आतंककारियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। दो संदिग्ध आतंककारियों मोहम्मद फैसल खान और फखरे आलम को क्रमश: उनके गृहनगर कानपुर और इटावा से गिरफ्तार किया गया। फैसल का बड़ा भाई मोहम्मद इमरान को भी एक अलग अभियान के दौरान उन्नाव से गिरफ्तार किया गया और एटीएस ने उनसे पूछताछ शुरू कर दी है।

अधिकारी ने बताया, एटीएस द्वारा कानपुर से ही गिरफ्तार किए गए दो अन्य संदिग्धों को भीड़ एटीएस के चंगुल से छुड़ाने में सफल रही, लेकिन हमें उनके घरों का पता है और हम जल्द ही उन्हें फिर से हिरासत में ले लेंगे। उन्होंने बताया कि आतिश मुजफ्फर, दानिश अख्तर और सैयद मीर हुसैन को मध्य प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मुजफ्फर को इस गुट का सरगना माना जा रहा है।

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