7 वर्ष तक राष्ट्रपति रहे मुशर्रफ, अब 2 शर्तें भी नहीं मान रही सरकार 

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7 वर्ष तक राष्ट्रपति रहे मुशर्रफ, अब 2 शर्तें भी नहीं मान रही सरकार 

परवेज मुशर्रफ ने पाकिस्तान में सात वर्षों तक सत्ता सुख का आनंद हासिल किया है। मगर आज वे देश के लिए दोषी है।  दोषी के किसी भी शर्त को सरकार स्वीकार नहीं कर सकती।

नई दिल्ली. परवेज मुशर्रफ ने पाकिस्तान में सात वर्षों तक सत्ता सुख का आनंद हासिल किया है। मगर आज वे देश के लिए दोषी है। खुद पर लगे दोषों से स्वयं को बचाए रखने के लिए विदेश भाग चुके एक भगोड़ा। ऐसे भगोड़ा के किसी भी शर्त को सरकार स्वीकार नहीं कर सकती। लगभग इसी लब्बोलुबाब के साथ बुधवार को पाकिस्तान की संघीय अदालत ने मुशर्रफ की समर्पण पूर्व शर्तों को खारिज कर दिया। बता दें कि 2001 से 2008 तक पाकिस्तान के राष्ट्रपति रह चुके परवेज मुशर्रफ पर राष्ट्रद्रोह का मामला चल रहा है। पाकिस्तान की अदालत सेे परवेज को समर्पण करने के लिए कई बार नोटिस भी जारी किया जा चुका है। मगर परवेज वापसी की गारंटी के बिना दुबई से पाकिस्तान आना नहीं चाहते। 

क्या है मामला
राष्ट्रदोह के आरोपी मुशर्रफ अभी दुबई में है। उनपर मुकदमा पाकिस्तान में चल रहा है। इस केस की सुनवाई में उन्हें आना है। परवेज ने अपने आगमन के लिए कोर्ट के सामने कुछ शर्ते रखी थी। जिसे पाकिस्तानी अदालत ने ये कहते हुए ठुकरा दिया कि एक ‘‘भगोड़ा’’ शर्ते नहीं लगा सकता और न ही अदालत को ‘‘अपनी जरूरतों के बारे में आदेश दे सकता है।’’  

परवेज के ये है शर्त 
देश वापसी के लिए परवेज मुशर्रफ ने यह शर्त लगाई थी कि उन्हें सैन्य सुरक्षा और दुबई तक सुरक्षित रास्ता मुहैया कराया जाए। मुशर्रफ ने पांच मई को विशेष अदालत में आवेदन दाखिल किया था जिसमें उन्होंने इच्छा जताई थी कि वह सैन्य संरक्षण में मुकदमे का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने अदालत से यह आश्वासन भी मांगा था कि उन्हें दुबई वापस लौटने के लिए सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा।

सरकार का ये है पक्ष 
परवेज के केस पर सरकार का कहना है कि एक भगोड़ा अदालत को अपनी जरूरतों के बारे में आदेश नहीं दे सकता और यह तय नहीं कर सकता कि अपनी इच्छा से वह कब और कितनी देर अदालत के समक्ष पेश होगा। हालांकि सरकार उनके ‘अधिकार’ के अनुसार मुशर्रफ को ‘‘सुरक्षा’’मुहैया कराने की इच्छुक है।

पहले भी नहीं मिली थी इजाजत
मुशर्रफ ने इससे पहले भी कई सुविधाओं की इजाजत मांगी थी। मगर तब भी उन्हें सुविधाएं मुहैया नहीं कराई गई। सरकार की ओर से पेश वकील मोहम्मद अकरम शेख ने कहा कि भगोड़े के खिलाफ लंबित अन्य मामलों में पहले भी सुरक्षा और चिकित्सा कारणों का हवाला देते हुए ‘‘चाकचौबंद’’ सुरक्षा मुहैया कराने की अपील की गई थी लेकिन किसी अन्य अदालत ने इसकी मंजूरी नहीं दी।’’ 

मुशर्रफ के खिलाफ है कई केस 
सैन्य तानाशाह परवेज मुशर्रफ पर पाकिस्तान में कई केस है। उन पर सबसे बड़ा आरोप राष्ट्रद्रोह का है। साथ ही उनपर पद के दुरुपयोग का भी मामला है। इन मामलों से बचने के लिए 73 वर्षीय मुशर्रफ दुबई में शरण लिए हुए है। 

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