योगी राज में सुरक्षित नहीं मुलायम के गढ़ के व्‍यापारी

Azamgarh, Uttar Pradesh, India
योगी राज में सुरक्षित नहीं मुलायम के गढ़ के व्‍यापारी

पुराने ढर्रे पर पुलिस नहीं खुल रहें घटनाओं के राज

आजमगढ़. भ्रष्‍टाचार मुक्‍त समाज का नारा और भयमुक्‍त समाज का दाव कर यूपी की सत्‍ता में आयी बीजेपी सरकार तीन महीने में इन मुद्दों पर पूरी तरह फेल साबित हुई है। खासतौर पर मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ में। यहां अपराधी पूरी तरह बेलगाम दिख रहे है। पुलिस दो महीने पहले हुई सराफा व्‍यवसायी के साथ लूट का खुलासा अब तक नहीं कर सकी है तो चार व्‍यापारियों से दो दिन पहले लाखों रूपये रंगदारी मांगने का माला प्रकाश में आया है। इससे व्‍यापारियों में साफ दहशत दिख रही है।





बता दें कि तमाम विकास के बाद भी यूपी में अखिलेश सरकार के प्रति आम आदमी की नाराजगी की मात्र एक वजह कानून व्‍यवस्‍था और भ्रष्‍टाचार था। बीजेपी को 325 सीट जीतकर इतने बड़े बहुमत से सत्‍ता में आना अखिलेश सरकार की यह नाकामी बड़ी वजह थी। सत्‍ता में आने के बाद योगी सरकार ने भ्रष्‍टाचार से निपटने के लिए भले ही कई महत्‍वपूर्ण कदम उठाया हो, लेकिन कानून व्‍यवस्‍था के मुद्दे पर यह सरकार पूरी तरह फेल है। हत्‍या, लूट और बलात्‍कार की तो कई घटनाएं जिले में हुई है लेकिन अब रंगदारी मांगने का खेल खुलकर खेला जा रहा है।






पिछले दिनों मेहनगर के एक कर्मचारी से रंगदारी मांगी गई तो माफिया कंटू सिंह के नाम पर जिला अस्‍पताल के एसआईसी से रंगदारी मांगकर अपराधियों ने सनसनी फैला दी थी। एसआईसी से रंगदारी मांगने का पुलिस ने खुलासा कर दिया लेकिन अन्‍य मामले अभी ठंडे बस्‍ते में है। यहां तक कि मई माह में तरवा थाना क्षेत्र के कंचनपुर गांव सरफा व्‍यवसायी की दुकान में हुई दिनदहाड़े लूट का भी पुलिस अब तक खुलासा नहीं कर सकी है। 






अब ताजा मामला व्‍यवसायियों से रंगदारी मांगने का है। मेहनगर नगर पंचायत के वार्ड नंबर नौ जवाहर नगर में सर्राफा का व्यवसाय करने वाले प्रमोद कुमार पुत्र हरिदास से शुक्रवार की शाम मंतर यादव नाम के अपराधी ने तीन लाख रुपए रंगदारी मांगी है। इसी तरह मेहनाजपुर कस्बे में शराब का करने वाले दो व्यवसायियों से बदमाशों द्वारा रंगदारी टैक्स की मांग की गई जौनपुर जिले के केराकत बाजार निवासी गणेश पुत्र मोहनलाल सेठ मेहनाजपुर कस्बे में सरापा का व्यवसाय करते हैं शुक्रवार की सुबह अज्ञात बदमाशों ने उन्हें मोबाइल पर कॉल कर जानमाल की धमकी देते हुए दो लाख रुपए की मांग की। 






वहीं, मेहनाजपुर के एक और व्यवसाई हरिशंकर पुत्र राजेंद्र सेठ से भी बदमाशों ने फोन पर दो लाख रुपए रंगदारी मांगी है। इसी तरह तरवां क्षेत्र के परमानपुर चैराहे पर आभूषणों का व्यवसाय करने व्यवसायी रामाश्रय सेठ से शनिवार को अज्ञात अपराधी ने मोबाइल पर कॉल करके पुत्र सुजीत सेट के बारे में पूछा और फिर तीन लाख रुपए रंगदारी की मांग की गई और न देने पर परिवार के सफाए की धमकी भी मिली है।  



 
आजमगढ़ में पिछले दिनों से तेजी से बढ़ रही ये घटनाएं बताती हैं कि अपराधियों के मन से पुलिस का भय पूरी तरह समाप्‍त हो चुका है। व्‍यवसायी दहशत में है। अगर अपराध पर नियंत्रण नहीं होता है तो आने वाले लोकसभा चुनाव में सपा की तरह इसका खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ सकता है।

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