गांधी आश्रम में 1.63 करोड़ का पीएफ घोटाला, अधिकारी डाल रहे पर्दा

Azamgarh, Uttar Pradesh, India
गांधी आश्रम में 1.63 करोड़ का पीएफ घोटाला, अधिकारी डाल रहे पर्दा

एफआईआर दर्ज होने के चार साल बाद भी नहीं हुई कार्रवाई 

आजमगढ़. शहर के मड़या स्थित गांधी आश्रम में पीएफ के नाम पर 1.63 करोड़ का घोटाला हुआ। इस मामले में एफआईआर दर्ज हुए भी चार साल हो गये। लेकिन आज तक न तो रिकवरी करायी गयी और न ही घोटालेबाजों के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई। अब इस मामले में प्रवर्तन दल द्वारा समन भेजा गया है।

बता दें कि वर्ष 1980 से 2006 के मध्य करीब 120 कर्मचारियों के वेतन से पीएफ की कटौती की गयी लेकिन उक्त धनराशि को पीएफ खाते में जमा नहीं किया गया। इस अवधि में क्षेत्रीयमंत्री सहित संबंधित लोगों ने 1.63 करोड़ का घोटाला किया। वर्ष 2012 में मामला खुला तो 99 कर्मचारियों ने मिल कर शहर कोतवाली में तहरीर दी। 3 दिसम्बर 2012 को मंत्री राम सुन्दर सिंह व प्रबंध कमेटी के सदस्यों के खिलाफ 1.63 करोड़ रुपये के गबन का मामला दर्ज हुआ। उक्त मामले की विवेचना सिधारी थाने को सौंपी गयी लेकिन आज तक विवेचना पूरी नहीं हो सकी। 

इस दौरान कर्मचारियों द्वारा कई बार आंदोलन व संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया। यही नहीं दिसम्बर 2015 से दिसम्बर 2016 तक पीएफ की धनराशि को क्षेत्रीय मंत्री व प्रबंध कमेटी द्वारा नहीं जमा किया गया। एक बार फिर घोटाले की आशंका होने पर कर्मचारियों ने सत्यनारायण सिंह के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा। 19 दिसम्बर 2016 को सहायक भविष्य निधि आयोग वित्त वाराणसी ने मामले की जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया। प्रवर्तन दल की तीन सदस्यीय टीम ने प्रवर्तन अधिकारी मनोज रजक, मधुरंजन सिंह, राजबली ने मौके पर पहुंच कर मामले की जांच की। 

इसके बाद प्रबंध कमेटी को उक्त धनराशि फण्ड कार्यालय वाराणसी में जमा करने का समन जारी किया गया। इसके बाद भी धनराशि जमा नहीं हुई। श्री गांधी आश्रम खादी कर्मचारी संगठन पूर्वी उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष सत्यनारायण सिंह ने बताया कि कर्मचारियों के पीएफ का करीब दो करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है इससे कर्मचारियों को तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यदि तत्काल कार्रवाई नहीं होती है तो वे धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।

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