आरटीई के तहत 72 फीसदी बच्चे नहीं ले पाते एडमिशन

Badwani, Madhya Pradesh, India
आरटीई के तहत 72 फीसदी बच्चे नहीं ले पाते एडमिशन

प्राइवेट स्कूलों में आरटीई के तहत बच्चों को प्रवेश दिए जाने को लेकर तैयारियां चल रही हैं। विद्यालयों को सीमा, सीमा विस्तार व सीट लॉक करने के निर्देश दिए गए थे। इस बार आरटीई के तहत प्रवेश के लिए एक बार ही लॉटरी होगी। इसके बाद प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।  

सेराज अहमद खां. सेंधवा
प्राइवेट स्कूलों में आरटीई के तहत बच्चों को प्रवेश दिए जाने को लेकर तैयारियां चल रही हैं। विद्यालयों को सीमा, सीमा विस्तार व सीट लॉक करने के निर्देश दिए गए थे। इसकी अंतिम तिथि गुरुवार को थी। इस बार आरटीई के तहत प्रवेश के लिए एक बार ही लॉटरी होगी। इसके बाद प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। गौरतलब है, पिछले वर्ष तीन चरणों में विद्यार्थियों का चयन हुआ था। वहीं, निजी स्कूलों में विभिन्न कारणों से कम ही बच्चे आरटीई के तहत प्रवेश ले पा रहे हैं। पिछले वर्ष के आंकड़ों के मुताबिक सिर्फ 28  प्रतिशत बच्चों ने ही एडमिशन लिए थे। मनचाहा स्कूलों का नहीं मिलना भी इसकी एक वजह रही।
निजी स्कूलों में निर्धन वर्ग के बच्चेे भी पढ़ सकें। इसके लिए प्रतिवर्ष आरटीई के तहत प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को एडमिशन दिया जाता है। स्कूलों में मौजूद कुल सीटों का 25 प्रतिशत इसके लिए आरक्षित रहता है। इस वर्ष भी आरटीई के तहत निजी स्कूलों में बच्चों के एडमिशन के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गईं हैं। बीआरसी की ओर से स्कूलों को सीमा, सीमा विस्तार व सीट लॉक करने के लिए निर्देश गए थे। इस वर्ष आरटीई के तहत एक बार ही लॉटरी होगी, जिसमें सभी पात्र विद्यार्थियों का चयन कर लिया जाएगा। मई माह तक एडमिशन कार्य पूर्ण करने पर जोर रहेगा। वहीं, आरटीई के तहत निजी स्कूलों में तय सीटों के सापेक्ष काफी कम ही एडमिशन हो रहा है। सत्र 2016-17 के आंकड़ों पर गौर करें तो यह साफ हो जाता है कि चयनित हुए बच्चों में से सिर्फ 28 प्रतिशत ही निजी स्कूलों में एडमिशन ले पाते हैं। बीआरसी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक पिछले वर्ष 1572 विद्यार्थियों को सीट अलॉट किए गएथे। इसमें 952 बच्चों का वेरीफिकेशन हुआ। इसके बाद निजी स्कूलों में सिर्फ 455 बच्चों का ही एडमिशन हुआ। अधिकतर विद्यार्थी एडमिशन नहीं ले पाए। मनचाहा स्कूल न मिलना, स्कूल दूर होना आदि बातें इसका प्रमुख कारण रहीं। ऐसे में कई सीटें खाली ही रह जाती हैं। बता दें कि ब्लॉक क्षेत्र में 63 निजी स्कूल हैं, जिनमें प्रतिवर्ष आरटीई के तहत प्रवेश होते हैं।
 
 स्कूल चलें हम अभियान लेट
कक्षा 1ली से 8वीं तक की परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं जांची जा रही हैं। शीघ्र ही परीक्षा परिणाम घोषित करने की तैयारी है। बीआरसी सुभाष सोलंकी ने बताया 26 से 28 अप्रैल के बीच रिजल्ट घोषित करने की तैयारी है। ग्राम संसद में ही परीक्षा परिणाम घोषित होंगे। जहां ग्राम संसद नहीं हैं, वहां ग्राम सचिव की उपस्थिति में परिणाम घोषित होगा। परीक्षा परिणाम आने के बाद ही स्कूल चलें हम अभियान गति पकड़ेगा। मालूम हो कि स्कूल चलें हम अभियान 18 अप्रैल से ही शुरू होना था। लेकिन रिजल्ट के चलते देरी हो रही है।  
 

150 सर्वे दलों का किया जाएगा गठन
स्कूल चलें हम अभियान के लिए ब्लॉक क्षेत्र में 150 दलों का गठन किया जाएगा। दल  में प्रत्येक स्कूल का प्रधान पाठक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सचिव, ग्राम सेवक, प्रेरक शामिल रहेेंगे। दल घर-घर जाकर बच्चों की जानकारी लेगा। एडमिशन के लिए प्रेरित भी करेगा। इस संबंध में जनशिक्षकों को सूचना दे दी गई है। सर्वे के बाद प्रवेश कर बच्चों की जानकारी पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। 15 मई तक प्रवेश का डाटा पोर्टल पर दर्ज होगी। ज्यादा से ज्यादा बच्चों के प्रवेश पर जोर है।  
 
फैक्ट फाइल
कुल स्कूल-682
प्रायमरी स्कूल-538
मिडिल स्कूल-144
कुल विद्यार्थी-35071
छात्राएं-16751
छात्र-18320
निजी स्कूल-63
ड्रॉप आउट बच्चे-6790


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