यहां कुष्ठ रोगियों को दफनाने के लिए दो गज जमीन तक नहीं!

Ruchi Sharma

Publish: Dec, 01 2016 11:08:00 (IST)

Bahraich, Uttar Pradesh, India
 यहां कुष्ठ रोगियों को दफनाने के लिए दो गज जमीन तक नहीं!

आंकड़ों के नजरिये से देखा जाए तो प्रदेश में बढ़ती कुष्ठ रोगियों की तादात में पहले पायदान का जिला बहराइच है

बहराइच. आंकड़ों के नजरिये से देखा जाए तो प्रदेश में बढ़ती कुष्ठ रोगियों की तादात में पहले पायदान का जिला बहराइच है। जहां पर कुष्ठ रोगियों की संख्या अन्य जिलों के मुकाबले सबसे ज्यादा है। सीमावर्ती तराई के जिले में कुष्ठ रोगियों के बढ़ते आंकड़े को ध्यान में रखते हुए समाज की मुख्य धारा से कटकर एक अलग समाज में अपाहिजों और बेसहारों की तरह जिंदगी काट रहे। कुष्ठ रोगियों को मुख्य धारा से जोड़ने के मकसद से उन्हें अपनेपन का अहसास कराने का सपना संजोते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ यूपी के राज्यपाल राम नाईक जैसी शख्सियत ने इस जिले में आकर न सिर्फ ऐसे रोगियों के पक्ष में विशाल सेमिनार को संबोधित किया था बल्कि प्रदेश के समस्त कुष्ठ रोगियों को मिलने वाली पेंशन की रकम बढ़ाने का ऐलान भी इसी जिले से किया था। 


उस जिले में आज तमाम कुष्ठ रोगियों के लिए मरने के बाद दफ़नाने के लिए 2 गज जमीन तक नशीब नहीं। इसी मांग को लेकर शहर के कुष्ठ आश्रम में रहने वाले कुष्ठ रोगियों का एक दल अपनी बुनियादी मांग को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर आकर अपना दर्द बयां किया। इन सभी पीड़ित अपाहिजों का कहना है कि पहले इनके लिए जो जमीन कब्रिस्तान के लिए मुहैया थी उसे सरकार ने अधिग्रहित कर बिल्डिंग बनवा दी है। जिससे इन कुष्ठ रोगियों के हिस्से का कब्रिस्तान का अभाव है। इसी मांग को लेकर जिला मुख्यालय पर कुष्ठ रोगियों ने आकर अफसरों के सामने अपना दुखड़ा रोया। अब देखना है कि व्यवस्था से जुड़े जिम्मेदार इनके हिस्से की दो गज जमीन कब तलक मुहैया कराते हैं।  

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