जिले में 723 बच्चे अति कुपोषित

Prashant Sahare

Publish: Oct, 19 2016 02:54:00 (IST)

Balaghat, Madhya Pradesh, India
जिले में 723 बच्चे अति कुपोषित

 जिले में एक लाख 37 हजार 640 बच्चों में एक लाख 15 हजार बच्चे ही सामान्य वजन के है, जबकि 21 हजार 434 बच्चे कम वजन (कुपोषित) के  और 723 बच्चे गंभीर रूप से कुपोषित होकर जिंदगी से जंग लड़ रहे हैं।

मुकेश यादव
बालाघाट।
शासन के लाख प्रयासों के बावजूद बालाघाट जिला कुपोषण मुक्त नहीं हो पाया है। इसे शासन व जिम्मेदार अधिकारियों की नाकामी ही कहा जा सकता है कि जिले में एक लाख 37 हजार 640 बच्चों में एक लाख 15 हजार बच्चे ही सामान्य वजन के है, जबकि 21 हजार 434 बच्चे कम वजन (कुपोषित) के  और 723 बच्चे गंभीर रूप से कुपोषित होकर जिंदगी से जंग लड़ रहे हैं।
कुपोषण के यह हैरान करने वाले आंकड़े जिला पंचायत की बैठक में संबंधित विभाग द्वारा प्रस्तुति की गई जानकारी से सामने आए हैं। इन आंकड़ों ने शासन स्तर की कुपोषण के विरुद्ध चलाई जा रही योजनाएं व प्रशासन के प्रयासों की पोल खोल कर रख दी है।
बैहर क्षेत्र में बुरी स्थित
जिले में कुपोषण के आंकड़ों पर नजर दौड़ाए तो सर्वाधिक बुरे हाल आदिवासी बैगा बाहुल्य क्षेत्र बैहर के हैं। बैहर में अन्य विकासखंडों में सार्वधिक 121 0-5 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चे अतिकुपोषित है। इसके बाद लालबर्रा में 80 व किरनापुर में 69 बच्चे गंभीर कुपोषित की बीमारी से जूझ रहे हैं।
कागजी साबित हो रही योजनाएं
जानकारी के अनुसार जिले में कुपोषण के यह हालात तब है, जबकि शासन चिरंजीवी, अटल बाल अरोग्य मिशन जैसे दर्जनों अभियान, योजना व करीब 2500 आंगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से लाखों रुपए खर्च कर पोषण आहार का वितरण कर रही है। इन तमाम प्रयासों के बावजूद जिले में कुपोषण की दयनीय स्थिति से यह योजनाएं व अभियान कागजी साबित हो रहे हैं।
पोषण केन्द्र में भी बच्चे भर्ती
इधर 723 अति कुपोषित बच्चों के अलावा जिला अस्पताल के पोषण पुर्नवासा केन्द्र में भी करीब 15 बच्चों का उपचार किया जा रहा है। वहीं जिले में अन्य 6 स्थानों में भी इस तरह के केन्द्रों में बच्चों का उपचार जारी होने की जानकारी सामने आई है। लेकिन इन सभी प्रयासों व सुविधाओं के बावजूद कुपोषण का ग्राफ कम क्यों नहीं हो पा रहा है इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है।
वर्जन
जिले को कुपोषण मुक्त किए जाने प्रयास जारी है। हम संबंधित विभाग के अधिकारियों से भी समय समय पर जानकारी लेकर दिशा निर्देश दे रहे हैं। प्रयासों को सफलता क्यो नहीं मिल रही है इस बारे में पता लगाकर सुधार हेतू निर्देशित किया जाएगा।
भरत यादव, कलेक्टर

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned