पांच प्रकार से किया जा सकता है कैशलेस लेन-देन

Prashant Sahare

Publish: Dec, 01 2016 11:35:00 (IST)

Balaghat, Madhya Pradesh, India
पांच प्रकार से किया जा सकता है कैशलेस लेन-देन

कार्यशाला में दी कैशलेस लेन-देन की जानकारी

बालाघाट. 500 और एक हजार रुपए की नोटबंदी के बाद जनता का रूझान कैशलेस लेनदेन की ओर बढऩे लगा है। जिला प्रशासन ने जिले के नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में नगदी लेनदेन के स्थान पर कैशलेस लेनदेन को प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया है। जिले को शीघ्र ही कैशलेस लेनदेन युक्त जिला बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। 
इस कड़ी में गुरुवार को कलेक्टर की अध्यक्षता में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में अग्रणी बैंक अधिकारी सहित अलग-अलग बैंक के अधिकारी भी मौजूद थे। 
कार्यशाला में कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए प्लास्टिक मनी एटीएम व डेबिट कार्ड के उपयोग ओर मोबाइल वालेट के उपयोग के बारे में बताया गया।  कैशलेस ट्रांजेक्शन पांच प्रकार से किया जा सकता है। पहले प्रकार में यूपीआई मोबाइल एप्प को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर स्मार्टफोन में इसका उपयोग किया जा सकता है। इस एप्प के जरिए एक दिन में 50 रुपए से लेकर एक लाख रुपए तक का भुगतान किया जा सकता है। यह 24 घंटे फंड ट्रांसफर की सुविधा देता है। 
दूसरे प्रकार में यूएसएसडी आता है। इसके उपयोग के लिए व्यक्ति को अपना मोबाइल बैंक खाते से लिंक कराना होता है। इसके बाद व्यक्ति को अपने मोबाइल से हेस 99  डायल कर मोबाइल पर आ रहे निर्देशों के अनुरुप कार्य करना होता है।कैशलेस लेनदेन का तीसरा प्रकार पीओएस मशीन है। यह मशीन व्यापारी या व्यवसायी को बैंक से प्राप्त करना होगा। चौथा प्रकार आधार कार्ड इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम है। इस सिस्टम में व्यक्ति को अपना बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक कराना होता है। व्यक्ति को माईक्रो एटीएम या बैंक करेसपांडेंट के पास जाकर बैंक का नाम और आधार नम्बर की जानकारी देना होता है। कार्यशाला में बताया गया कि कैशलेस लेनदेन का पांचवा प्रकार प्रीपेड वालेट है। इसे ई-बटुआ भी कहा जा सकता है। प्रीपेड वालेट एंड्रायड मोबाइल पर उपयोग किया जा सकता है।

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