एसपी गौरव तिवारी के तबादले का दंष, कटनी ही नहीं बालाघाट में भी झेल चुके है स्थानांतरण का दंष

Prashant Sahare

Publish: Jan, 13 2017 12:07:00 (IST)

Balaghat, Madhya Pradesh, India
 एसपी गौरव तिवारी के तबादले का दंष, कटनी ही नहीं बालाघाट में भी झेल चुके है स्थानांतरण का दंष

एसपी गौरव तिवारी की दास्तांन,फर्जी टीपी कांड के खुलासे के दौरान बालाघाट से कर दिया गया था तबादला

बालाघाट। कटनी जिले के 500 करोड़ के हवाला कांड का पर्दाफास करने वालेे एसपी गौरव तिवारी ने बालाघाट जिले में भी बड़ा फर्जीवाड़ा और घोटाला उजागर किया था। तब कटनी जैसे ही उनका बालाघाट से भी तीन वर्ष से पूर्व ही तबादला कर दिया गया था। हालाकि कटनी की तरह ही बालाघाट से उनके तबादले को सामान्य प्रक्रिया बताया गया था। लेकिन उस समय वे एक बड़े मामले की जांच कर रहे थे, जिसमें एक आईपीएस अधिकारी का नाम भी सामने आ रहा था। इसी बीच उनका तबादला कर दिया। इस कारण जांच को दबाए जाने जैसी कई चर्चाएं और बातें सामने आई थी।
आज उनकी इमानदार छवि और किए गए कार्यो के चलते उनका कटनी से तबादला रुकवाने पूरे देष में आंदोलन और प्रदर्षन का दौर चल रहा है। उनकी यह इमानदारी और करनामें सिर्फ कटनी ही नहीं बल्कि बालाघाट में उनके रहते सामने आए थे! 
पेंष है यह रिपार्ट।
आईएएस अधिकारी का नाम आते ही हुआ था तबादला
बालाघाट जिले में करीब दो वर्ष पदस्थ रहे एसपी गौरव तिवारी ने बहुचर्चित फर्जी टीपी के सहारे वनोपज फर्जीवाड़ा का खुलासा किया था। इस मामले में वनों की सुरक्षा के लिए तैनात रक्षक ही भक्षक बनकर बड़ी मात्रा में जंगलों का सफाया कर रहे थे। शुरूआत में मामला पुलिस के पास पहुंचा था, तब किसी ने भी नहीं जाना था कि कितने बड़े स्तर पर जंगलों की कटाई व फजीवाड़ा किया गया है। लेकिन एसपी तिवारी के नेतत्व में जांच शुरू की गई और उन्होंने परत दर परत मामले को इतना खंगाला की वनरक्षक से लेकर रेंजर, बाबू, एसडीओ यहां तक की एक जिला पंचायत सदस्य और कांग्रेसी नेता को जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ा था। इसके बाद जांच में एक आईएएस अधिकारी का नाम सामने आया। उस आईपीएस अधिकारी के वरिष्ठ स्तर पर पत्र भेजते ही एसपी तिवारी का तबादला हो गया। इस मामले में फर्जी टीपियों से करीब एक करोड़ से अधिक की लकडिय़ों की कटाई होना और करीब 60-70 लाख की लकडिय़ों की जब्ती भी पुलिस ने बनाई थी। 

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