मामा की बहू पर थी भांजे की नजर, चेतावनी के बाद भी नहीं सुधरा तो ये हुआ अंजाम

Kaushlendra Singh

Publish: Dec, 01 2016 03:29:00 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
मामा की बहू पर थी भांजे की नजर, चेतावनी के बाद भी नहीं सुधरा तो ये हुआ अंजाम

अवैध रिश्ते का ताना-बाना आया समाज के सामने, इज्जत की खातिर मामा ने ले ली भांजे की जान

बलरामपुर। स्थानीय कोर्ट के एक फैसले ने समाज में रिश्तों के बीच पनप रहे जहर को एक बार फिर सामने ला दिया है। ताजा मामले में एक मामा को सजा हुई है जिसने अपने भांजे को मौत के घाट उतार दिया था। मामा को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आइए जानते हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ था कि एक मामा को अपने भांजे की जान लेनी पड़ी।

अभियोजन कथानक के अनुसार वादी मुकदमा उरेही पत्नी राममूरत निवासी पिपरा सड़वा थाना पचपेड़वा ने स्थानीय थाना पर दिये गये तहरीर मेें कहा था कि 27 फरवरी 2015 की रात वे अपने घर के मड़हे मेें सोई थीं। उनका लड़का राजेश उर्फ पाले उनके बगल की चारपाई पर लेटा था। रात करीब 12 बजे लड़के की आवाज आई, 'अरे माई किसी ने मार डाला'।

पहले दी थी चेतावनी

आवाज सुनकर उरेही की नींद खुल गई। उन्होंने देखा कि उनका सगा भाई साधू यादव उनके लड़के (राजेश) को कुल्हाड़ी से मार रहा था। उरेही ने अपने भाई को रोकने और पकड़ने की कोशिश की तो वह भाग निकाला। उरेही ने तहरीर में इस बात का भी जिक्र किया था कि घटना से पहले उनके भाई ने घर आकर कहा था कि, "राजेश का चाल-चलन ठीक नहीं है। वह उनके घर आता-जाता है रोक लो नही तो उसे मार डालूंगा।"

आठ गवाहों ने सुनाई कहानी


मामले में 28 फरवरी 2015 को आरोपित साधू यादव पुत्र बृजमोहन निवासी पिपरा सड़वा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय भेजा गया। परीक्षण के दौरान अभियोजन की ओर से घटना के समर्थन में आठ गवाहों को पेश किया गया। जबकि बचाव पक्ष ने आरोपित के निर्दोष बताया। दोनों तरफ की दलीलों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने सजा सुनाई।

ये थी हत्या की वजह

मामा को भांजे की गलत आदतों ने परेशान कर रखा था। मामा ने भांजे के चाल-चलन ठीक न होने के कारण उसको पहले भी जान से मारने की धमकी दी थी।लेकिन भांजे ने अपनी आदतों में सुधार नहीं किया।भांजा राजेश कुछ दिनों के लिए मुम्बई काम करने चला गया था।जल्द ही मुंबई से वापस आकर उसने फिर से मामा के घर जाना शुरू कर दिया था।मामा की पुत्र-वधू के साथ भांजे का अवैध संबंध था जिसको लेकर मामा नाराज रहता था।सुधरने की नसीहत देने के बावजूद भी उसने अपनी आदतों में सुधार नहीं किया जिस कारण मामा ने अपने भांजे को मौत के घाट उतार दिया।

ये मिली सजा

सगे भांजे की हत्या में मामा को एफटीसी द्वितीय के न्यायाधीश सुरेन्द्र सिंह ने आजीवन कारावास व दस हजार रूपए अर्थ दण्ड की सजा सुनाई है। जुर्माना न अदा करने पर छह माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned