कई राजों को समेटा है बलिया का यह किला, मकर संक्रांति पर लगती है भीड़

Varanasi, Uttar Pradesh, India
कई राजों को समेटा है बलिया का यह किला, मकर संक्रांति पर लगती है भीड़

लखनेश्वरडीह किला पर स्नान पर्व पर लगता है भव्य मेला

वाराणसी. रसड़ा तहसील मुख्यालय से करीब सात किलोमीटर दक्षिण तमसा नदी के तट पर स्थित लखनेश्वरडीह का किला है। पुरातात्विक दृष्टिकोण से समृद्ध लखनेश्वरडीह का इलाका पर्यटन के मामले में भी अग्रणी भूमिका अदा करता है। लेकिन इस ओर किसी की नजर नहीं जा रही है।



लखनेश्वरडीह किला पर स्नान पर्व पर यहां भव्य मेला लगता है जहां श्रद्धालु सुबह से दोपहर बाद तक स्नान-दान के पश्चात विष्णु भगवान का पूजन-अर्चन करते हैं। 



स्नान व दान का महापर्व मकर संक्रांति की तैयारी घर-घर में शुरू हो गई है। बच्चों द्वारा अभी से जहां पतंगबाजी शुरू कर दी गई है वहीं बाजारों में चिउड़ा, फरूही, तिलवा व गुड़ आदि की बिक्री भी जमकर हो रही है। इसके अतिरिक्त बाजार में रेडीमेड तिलवा भी बिकना शुरू हो गया है। अधिकांश घरों में तिलवा भी बनाया जा रहा है। स्नान पर्व पर यहां लखनेश्वर डीह किला पर भव्य मेला लगता है जहां श्रद्धालु सुबह से दोपहर बाद तक स्नान-दान के पश्चात विष्णु भगवान का पूजन-अर्चन करते हैं। 




रसड़ा तहसील मुख्यालय से करीब सात किलोमीटर दक्षिण तमसा नदी के तट पर स्थित लखनेश्वरडीह का किला पौराणिक पहलुओं को भी खुद में समेटे हुए है। भगवान श्रीराम के अनुज लक्ष्मण ने यहां शिवलिंग की स्थापना अपने हाथों से की थी। इसका उल्लेख रामायण में भी किया गया है। विडंबना यह कि इस तरह के ऐतिहासिक स्थलों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए अब तक कोई पहल नहीं हुई। 



खास बात यह कि लखनेश्वर डीह किला के पास ही खेतों की जोताई के दौरान भगवान विष्णु की काले पत्थर की प्रतिमा मिली थी जहां आज भव्य मंदिर का निर्माण कर दिया है। स्नान पर्व के दिन तो यहां पूजन-अर्चन को श्रद्धालुओं का तांता लग जाता है। यह क्षेत्र पुरातत्व विभाग व भूगर्भशास्त्रियों के लिए शोध का विषय है। इस क्षेत्र को पर्यटन केंद्र के रूप में अगर विकसित किया जाय तो इससे एक तरफ क्षेत्रीय विकास को बल मिलेगा वहीं राजस्व की भी वृद्धि होगी।

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