बांग्लादेशी मुसाफिर के लिए  फिल्मी दुनिया नहीं रियल लाइफ में बजरंगी भाईजान बनी यहां पुलिस

Balod, Chhattisgarh, India
बांग्लादेशी मुसाफिर के लिए  फिल्मी दुनिया नहीं रियल लाइफ में बजरंगी भाईजान बनी यहां पुलिस

हिंदी फिल्म बजरंगी भाईजान की तर्ज पर अब बालोद पुलिस भी एक भटके हुए युवक को उनके परिवार से मिलाने, घर तक पहुंचाने दूसरे देश की सीमा लांघेगी।

सतीश रजक/बालोद. हिंदी फिल्म बजरंगी भाईजान की तर्ज पर अब बालोद पुलिस भी एक भटके हुए युवक को उनके परिवार से मिलाने, घर तक पहुंचाने दूसरे देश की सीमा लांघेगी। इसके लिए पुलिस डेढ़ साल से कवायद कर रही थी, तब जाकर वहां के एक गांव से गुम युवक की जानकारी मिली, जो यही रहा।

भटककर पहुंचा हिन्दुस्तान
ज्ञात रहे कि हिंदी फिल्म बजरंगी भाईजान में पाकिस्तान से हिन्दुस्तान आई 6 साल की बच्ची मां के साथ वापस जाते समय बिछड़ जाती है, जिसे फिल्म अभिनेता सलमान खान ने पाकिस्तान छोड़ा था, पर यहां के मामले में पड़ोसी देश बांग्लादेश से भटककर बिना पासपोर्ट के हिंदुस्तान पहुंचे 35 साल के युवक को बालोद पुलिस उनके मुल्क छोडऩे जाएंगी।

कराया रेलवे का रिजर्वेशन
बालोद पुलिस ने युवक को इनके मुल्क बांग्लादेश पहुंचाने के लिए रेलवे का रिजर्वेशन भी करा लिया है। लगभग डेढ़ साल से जिले में भटकता रह रहा इस बांग्लादेश युवक को पुलिस ने एक कैदी की तहत नहीं, बल्कि विदेशी मेहमान की तरह रखा और अब सम्मान पूर्वक उनके मुल्क, उनके घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाएंगे।

इस तरह भटक गया था युवक
एसपी दीपक झा ने पत्रिका को बताया कि 21 जून 2016 को लगभग 2 बजे दल्लीराजहरा थाने के कुसुमकसा बस स्टैंड में बंग्ला भाषा बोलने वाला युवक मिला था, जिसकी सूचना पुलिस को दी गई थी। उसके बाद पुलिस ने युवक से पूछताछ की। युवक ने बताया वह बांग्लादेश का रहने वाला है। पुलिस ने इसका वीजा, पासपोर्ट व परिचय पत्र मांगा, पर वह कुछ नहीं पेश कर पाया। इस कारण पुलिस इस विदेशी नागरिक को अपनी हिरासत में लिया, इस कारण कुछ महीने तक उसे जेल में भी रखा गया।

पुलिस ने गृह मंत्रालय के माध्यम से की कवायद
पूछताछ में युवक ने अपना नाम संतु बताया, फिर एसपी दीपक झा ने युवक का पूरा बायोडाटा नेट के माध्यम से निकलवाया और पुलिस महानिदेशक को इसकी जानकारी दी। उसके बाद गृह मंत्रालय से व बांग्लादेश संपर्क कर पता किया गया कि क्या कोई गुम इंसान है। पतासाजी के बाद जानकारी मिली कि इस युवक का नाम संतुदास पिता विमलदास (35) है, जो ग्राम अमलेश, थाना सातकनिया, जिला चटगांव (बांग्लादेश) का रहने वाला है, जो किसी कारण से भटक कर हिंदुस्तान पहुंच गया।

अपने मुल्क जाने की है खुशी, संतु बोला नही भूलूंगा बालोद पुलिस को
पड़ोसी देश बांग्लादेश का रहने वाला संतु को अब दो दिनों के भीतर ही बालोद पुलिस की टीम उनके मुल्क छोडऩे जाएगी। जब पत्रिका ने संतु से पूछा, तो वह बताया कि भटककर यहां पहुंच गया थाी। उसे अपने घर वालों की बहुत याद आती है। वह अपने देश व घर जाना चाहता है। जब से उसे पता चला है कि अब बालोद पुलिस उसे उनके देश छोड़ेगी तब से काफी खुशी है। बता दें कि संतु को बालोद पुलिस ने हर सुविधा दी, यहां पुलिस ने अपनी निगरानी में घुमाए, खिलाए, रहने के लिए अलग से डिटेक्शन रूम दिया गया, जहां वह रुका रहा। यहां की पुलिस को मैं कभी नहीं भूलूंगा।

बीएसएफ  के माध्यम से बांग्लादेश बोर्डर पर छोड़ा जाएगा
बालोद पुलिस कुछ दिन में सन्तु को लेकर भारत बांग्लादेश सीमा पर जाएगा, जिसके लिए रिजर्वेशन भी कराया जा चुका है। एसपी दीपक झा ने बताया सन्तु को बीएसएफ  को सौपेंगे, फिर बीएसएफ  बंगलादेश फोर्स व साताकनिया थाना को सौपेंगे। वहां से अपने घर अमलेश माता-पिता तक पहुंचाया जाएगा।

एक-दो दिनों में निकलेंगे
बालोद पुलिस अधीक्षक दीपक झा ने बताया बीते डेढ़ साल से बांग्लादेश से भटककर बालोद पहुंचे युवक को अब गृह मंत्रालय व पुलिस महानिदेश के आदेशानुसार उसके देश छोडऩे जाएंगे। एक-दो दिनों के भीतर रवाना होंगे।

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