खामियों पर तीन बसें जब्त, गणवेश नहीं पहनने पर 5 का काटा चालान

Balod, Chhattisgarh, India
खामियों पर तीन बसें जब्त, गणवेश नहीं पहनने पर 5 का काटा चालान

जिला मुख्यालय के सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम में निजी स्कूल बसों का सोमवार को फिटनेस टेस्ट लिया गया। जिसमें तीन बसों में कमी पाई गई।

बालोद.परिवहन व यातायात विभाग द्वारा 14 जून को निजी स्कूलों की बसों का फिटनेस टेस्ट लिया गया था, पर कई स्कूलों की बसें फिटनेस टेस्ट में नहीं आई थी। यातायात विभाग ने नोटिस जारी कर 19 जून सोमवार को बसों को जिला मुख्यालय के सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम बुलाकर फिटनेस टेस्ट लिया गया, पर भी कई बसें फिटनेस टेस्ट कराने नहीं लाई गई। टेस्ट में तीन बसों में कमी पाई जाने पर उसे जब्त किया गया।

तीन बसों के नहीं थे कागजात
इधर यातायात प्रभारी एलएम सिंह ने बताया की टेस्ट कराने 14 बसें आई थी जिसमें से 3 बसों के पास कागजात ही नहीं थे जिसके कारण बसों को जब्त कर लिया गया है। वहीं लापरवाह बस चालक व कंडक्टरों पर भी कार्रवाई की गई। साथ ही जिन स्कूलों की बसें फिटनेस टेस्ट में नहीं आए हैं। उसके संचालक व स्कूल को अंतिम नोटिस जारी किया गया है।

गणवेश नहीं पहनने वाले 12 चालकों व कंडक्टर पर कार्रवाई
यातायात प्रभारी एलएम सिंह ने बताया की फिटनेस जाच के दौरान ड्राइवरों व कंडक्टरों की भी क्लास ली गई जिसमें भारी लापरवाही देखी गई। ड्राइवर व कंडक्टर ही लापरवाह निकले। जिन स्कूल बसों के बस चालक व बस कंडक्टरों ने ड्रेस नहीं पहने थे। ऐसे 12 बस चालकों व कंडक्टर के खिलाफ  भी एक-एक हजार की चालानी कार्रवाई की गई। बताया जाता है सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार बस चालकों व कंडक्टरों को भूरे रंग का ड्रेस पहन कर बस चलाना है, पर वे ध्यान नहीं दे रहे हैं।

लगातार मिल रही स्कूली बसों में खामियां
निजी स्कूलों की मनमानी इतनी अधिक है कि बच्चों को बिना फिटनेस की बसों में बिठाकर मौत का सफऱ करा रहे हैं। सोमवार को की गई स्कूली बसों में कार्रवाई में तो गुण्डरदेही के एलएलएम पब्लिक स्कूल के 3 बसों को जब्त किया गया। बसों का न फिटनेस कार्ड न प्रदूषण कार्ड और न ही परमिट था। इस कारण इस बस को जब्त कर लिया गया।

ये है नियम
बता दे की छोटे छोटे गाडिय़ों व कंडम बसों में बच्चों को बिठाकर बच्चों को घर से स्कूल व स्कूल से घर ले जाया जाता है। जिससे खतरा बना रहता है। बसों का रंग पीला हो। चालक के साथ कंडक्टर व महिला कंडक्टर हो। सीटों में स्कूल बैग रखने की सुविधा हो। बसों में जाली लगी हो व आपत्कालीन खिड़की हो। चालक-कंडक्टर व बस मालिक का मोबाइल नंबर लिखा हो। बसों में अग्निशमन यंत्र हो।

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