जिसके लिए कांग्रेस ने बगावत झेली वही राजेंद्र राय खुद हुए बागी 

Balod, Chhattisgarh, India
जिसके लिए कांग्रेस ने बगावत झेली वही राजेंद्र राय खुद हुए बागी 

बालोद जिले के गुंडरदेही विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेंद्र राय को अंतत: मंगलवार को कांग्रेस पार्टी ने उसकी विरोधी हरकतों के कारण पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया।

बालोद. जिले के गुंडरदेही विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेंद्र राय को अंतत: मंगलवार को कांग्रेस पार्टी ने उसकी विरोधी हरकतों के कारण पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया। रॉय के निलंबन की घोषणा होने से बालोद जिले में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है।

जोगी के कट्टर समर्थक
करीब 5 वर्ष पूर्व पुलिस विभाग में डीएसपी की नौकरी छोड़कर कांग्रेस की सक्रिय राजनीति से जुड़े राजेंद्र राय को कांग्रेस में अजीत जोगी का कट्टर समर्थक माना जाता रहा है। जोगी के प्रयासों से ही 1913 के गत विधानसभा चुनावों में राय को कांग्रेस की टिकिट मिली और वे अपने निकटतम प्रतिद्वंद्विी भाजपा के पूर्व विधायक वीरेंद्र साहू को लगभग 22 हजार मतों से पराजित किया।

अभी 15 विधायक और जुड़ेंगे जोगी से : राय
पत्रिका से चर्चा करते हुए रॉय ने अपने निलंबन पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए दावा किया है कि अभी करीब 15 विधायक और जोगी जी से सीधे जुड़ेंगे। प्रदेश में कांग्रेस का सफाया होने का दावा भी उन्होंने किया है। इधर जिला भाजपा के अनेक वरिष्ठ नेताओं ने निलंबन की इस कार्यवाही पर अभी कोई प्रतिक्रिया देने से बचते रहे। उन्होंने इसे कांग्रेस की आपसी फूट व भाजपा के लिए लाभदायी कदम बताया है। वहीं जोगी कांग्रेस से जुड़े जिले के नेताओं ने इस निलंबन का स्वागत किया है।

आदिवासी नेता की उपेक्षा
छत्तीसगढ़ की 2.50 करोड़ जनता के सामने कांग्रेस का आदिवासी नेता की उपेक्षा बार फिर उजागर हुआ। एक आदिवासी नेता का निलंबन पूरे आदिवासी और दलित नेताओं का निलंबन माना जा रहा है। कांग्रेस पार्टी आने वाले समय में आदिवासी विरोधी मानी जा रही है। राय ने कहा मेरा निलम्बन अमिट छाप छोड़ेगा आने वाले दिनों में सभी आदिवासी एक मंच में रहेंगे।

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