संघ नेता के खिलाफ एसपी को कार्रवाई का निर्देश देकर विवादों में फंसे वन मंत्री

Shankar Sharma

Publish: Jun, 20 2017 04:48:00 (IST)

Bangalore, Karnataka, India
संघ नेता के खिलाफ एसपी को कार्रवाई का निर्देश देकर विवादों में फंसे वन मंत्री

वन मंत्री रमानाथ रई के दक्षिण कन्नड़ जिले के पुलिस अधीक्षक को संघ के वरिष्ठ नेता कलड्का प्रभाकर भट को गिरफ्तार करने के निर्देश देने को लेकर विधानमंडल के दोनों सदनों में तीखी बहस हुई और भाजपा

बेंगलूरु. वन मंत्री रमानाथ रई के दक्षिण कन्नड़ जिले के पुलिस अधीक्षक को संघ के वरिष्ठ नेता कलड्का प्रभाकर भट को गिरफ्तार करने के निर्देश देने को लेकर विधानमंडल के दोनों सदनों में तीखी बहस हुई और भाजपा ने रई से त्यागपत्र देने की मांग की।

सप्ताहांत के अवकाश के बाद सोमवार को जैसे ही विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई विपक्ष के नेता जगदीश शेट्टर ने इस मसले को उठाते हुए आरोप लगाया कि रई ने जिला प्रभारी मंत्री के तौर पर अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया है लिहाजा उनको तत्काल मंत्री पद छोड़ देना चाहिए। 

गौरतलब है कि दक्षिण कन्नड़ जिले के कलड्का नामक कस्बे में इस माह के शुरू में सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया था। मंत्री ने आरोप लगाया कि भट ने एक वर्ग विशेष के लोगों को दंगा भड़काने के लिए उकसाया और कथित चाकूबाजी की घटना में शामिल कुछ लोगों को शरण दे रखी थी।

वायरल हुई एक विडियो क्लिपिंग में मंत्री को इस मसले पर जिला पुलिस अधीक्षक से चर्चा करते और भट के खिलाफ अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 307 के तहत मामला दर्ज कर जेल भेजने को कहते दिखाया गया है। शेट्टर ने आरोप लगाया कि रई ने पुलिस अधीक्षक को बंटवाल निरीक्षण बंगले में बुलाया और भट के इस घटना में लिप्त नहीं होने के बावजूद गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। शेट्टर ने रई के इस्तीफा नहीं देने पर उनको पद से बर्खास्त करने की मुख्यमंत्री से मांग की।

 रई ने हालांकि सफाई दी कि भट ने हिंसा में लिप्त उन समाजविरोधी तत्वों की मदद की जिन्होंने मस्जिद से आ रहे एक युवक के चाकू मारा। यह सच है कि उन्होंने गड़बड़ी के बारे में बातचीत के लिए पुलिस अधीक्षक को बुलाकर गड़बड़ करने वालों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए थे। मंत्री के इस बयान से भाजपा सदस्य भड़क उठे और सुनील कुमार, विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी तथा के.जी. बोपय्या व अन्य ने कहा कि मंत्री रई ही दक्षिण कन्नड़ जिले में सांप्रदायिक गड़बड़ी फैलाने के जिम्मेदार हैं लिहाजा उनको मंत्री पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

शेट्टर ने आरोप लगाया कि जिला प्रभारी मंत्री रई ने पुलिस को भट के खिलाफ कार्रवाई के लिए उकसाया है जो अत्यंत निंदनीय है। जबकि जिले के एसपी ने कहा था कि कलड्का सांप्रदायिक दंगे के पीछे ड्रग माफिया का हाथ है और दंगे से भट का कोई सरोकार नहीं है।

इसके बावजूद भट को गिरफ्तार करने का आदेश देकर रई ने दंगे भड़काने का काम किया है। उनको इसके लिए आरएसएस नेता से तुरंत क्षमा मांगनी चाहिए।

इसका विरोध करते हुए दक्षिण कन्नड़ जिले के कांग्रेस विधायक अभयचंद्र जैन व मोहिद्दीन बावा ने कहा कि भाजपा इस तटीय जिले में गड़बड़ी फैलाने की कोशिश कर रही है। इसके बाद सत्ता और विपक्ष के सदस्यों के बीच काफी देर तक आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला चला और सदन में शोरगुल की स्थिति उत्पन्न हो गई।

इसी दौरान मंत्री रई सदन में पहुंच गए तो अध्यक्ष ने पूछा कि सरकार इस मसले का जवाब देगी या मंत्री देंगे। भारी उद्योग मंत्री आर.वी. देशपांडे ने कहा कि पहले रई अपना जवाब देंगे। इसके बाद गृहमंत्री से बयान दिलाया जाएगा। रई ने कहा कि जिला एसपी ने जब उन्हें बताया कि कलड्का में सांप्रदायिक दंगे के लिए प्रभाकर भट का भड़काऊ बयान  प्रमुख कारण है तो उन्होंने केवल यही कहा था कि जिसने भी भड़काने वाला बयान दिया हो उसके विरुद्ध कानून के तहत कार्रवाई की जाए। लेकिन उन्होंने भट के खिलाफ धारा 307 के तहत कार्रवाई करने को नहीं कहा।

मंत्री ने जब कहा कि हाल में ग्राम पंचायत के सदस्य की हत्या कर दी गई जिसमें संघ परिवार का हाथ है। तो उनके इस बयान का भाजपा सदस्यों ने कड़ा विरोध किया और सदन में भारी शोरगुल की स्थिति उत्पन्न बन गई। अपना बयान जारी रखते हुए रई ने कहा कि वे किसी जाति व धर्म में यकीन नहीं रखते।

इसके बावजूद हिंदू व मुस्लिम सांप्रदायिक संगठन उन पर अनर्गल आरोप लगाकर उनकी भत्र्सना करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक संगठनों के विरोध के बीवजूद वे 6 बार विधायक चुने गए हैं। सबका विश्वास व प्यार जीतने के कारण ही ऐसा हो सका है। प्रभाकर भट के गांव में भी उन्हें जन समर्थन प्राप्त है। स्पीकर केबी कोलीवाड़ ने दोनों पक्ष की बात सुनने के बाद सरकार से जवाब दिलाने का आश्वासन दकर बहस पर विराम लगाया।

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