केंद्र सरकार ने लीक करवाए हैं दस्तावेज: मल्लिकार्जुन

Mukesh Sharma

Publish: Feb, 17 2017 12:36:00 (IST)

Bangalore, Karnataka, India
केंद्र सरकार ने लीक करवाए हैं दस्तावेज: मल्लिकार्जुन

लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि आयकर व प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों के

बेंगलूरु।लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि आयकर व प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों के छापों के महत्वपूर्ण दस्तावेज लीक कर केंद्र सरकार सत्ता का दुरुपयोग कर रही है।

 खरगे ने गुरुवार को कलबुर्गी में संवाददाताओं से कहा कि आयकर व प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों द्वारा मारे गए छापों के महत्वपूर्ण दस्तावेज भाजपा नेताओं को कैसे मिलते हैं। भाजपा नेता छापों से महत्वूपूर्ण दस्तावेज उजागर करके कांंग्रेस के विधायकों के मान सम्मान को ठेस पहुंचाने का काम कर
रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष येड्डियूरप्पा आरोप लगाते हैं कि े कांग्रेस के एक नेता के निवास पर आयकर विभाग के अधिकारियों के छापों के दौरान उनको वहां से एक डायरी मिली जिसमें कांग्रेस आलाकमान को 100 करोड़ रुपए की रिश्वत देने की प्रविष्टि की गई है। सवाल यह है कि आयकर विभाग के अधिकारियों के छापों के दौरान जब्त डायरी येड्डियूरप्पा को कैसे मिल गई?

जाहिर है कि आयकर व प्रवर्तन निदेशालय के छापों की गोपनीय जानकारी लीक हो रही है। इस तरह के गोपनीय दस्तावेजों के लीक होने के पीछे केंद्र की भाजपा सरकार
का हाथ है।

उन्होंने कहा कि छापों की कार्रवाई पर उन्हें आपत्ति नहीं है पर कांग्रेस व विपक्षी दलों  के नेताओं को लक्ष्य बनाकर डाले जा रहे इन छापों के कारण  इन दोनों विबागों की विश्वसनीयता को चोट पहुंचती है।

केन्द्र का सौतेला बर्ताव

खरगे ने आरोप लगाया कि राज्य में सूखे के गंभीर हालात के कारण किसान संकट में है लेकिन केन्द्र सरकार उनकी मदद के लिए आगे नहीं आ रही है।  उन्होंने कहा कि राज्य के लिए 178 2 करोड़ रुपए की राहत मंजूर करने के बावजूद केन्द्र ने अब तक केवल 450 करोड़ रुपए ही जारी किए हैं जिसकी वजह से  राज्य सरकार किसानों को पर्याप्त मुआवजा देने के साथ ही सूखा राहत कार्य शुरू नहीं कर पा रही है। मानसून की बारिश के दगा दे जाने की वजह से राज्य में अपेक्षित मात्रा में बुवाई नहीं हो सकी।

 देर से आई भारी बारिश  के कारण फसलें चौपट हो गई। केंद्र ने फिलहाल जो 450 करोड़ रुपए दिए हैं वे मानसून की सीजन से संबंधित हैं। रबी की फसलों के नुकसान का मुआवजा  देने की तो बात ही नहीं है। केन्द्रीय वित्त मंत्री ने राज्य सरकार को राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से सहायता दिलाने का वादा किया था। लेकिन एनडीआरएफ के पास धन ही नहीं है। केन्द्र सरकार बाजपा व मित्र दलों की राज्य सरकारों को तो धन दे रही है पर राज्य के साथ सौतेला बर्ताव कर रही है।

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