कचरे से ऊर्जा परियोजना में घोटाले की एसीबी से जांच की सिफारिश

Shankar Sharma

Publish: Jun, 20 2017 04:50:00 (IST)

Bangalore, Karnataka, India
कचरे से ऊर्जा परियोजना में घोटाले की एसीबी से जांच की सिफारिश

विधान मंडल की सार्वजनिक उपक्रम समिति ने  बीबीएमपी में कचरे से बिजली उत्पादन परियोजना विफल होने की एसीबी जांच की सिफारिश की है

बेंगलूरु. विधान मंडल की सार्वजनिक उपक्रम समिति ने  बीबीएमपी में कचरे से बिजली उत्पादन परियोजना विफल होने की एसीबी जांच की सिफारिश की है।

समिति के अध्यक्ष डा. एबी मालक रेड्डी ने सोमवार को समिति की 132 वीं रिपोर्र्ट को विधानसभा में पेश किया। रिपोर्ट में कहा गया कि  बीबीएमपी ने कचरे से बिजली के उत्पादन की परियोजना के लिए निविदाएं आमंत्रित की और मेसर्स श्रीनिवास गायत्री रिसोर्सेज रिकवरी लिमिटेड से अनुबंध किया।

इसके अनुसार मंडूर के बिजली उत्पादन संयंत्र से अप्रेल 2007 में बिजली उत्पादन शुरू होना चाहिए था। फरवरी 2014 तक इस परियोजना पर 73.34 करोड़ रुपए खर्च होने के बावजूद कचरे से बिजली का उत्पादन शुरू नहीं हुआ। लिहाजा इस प्रकरण की एसीबी से जांच कराकर 3 माह में रिपोर्ट पेश करने और दोषियों को दंडित करने की सिफारिश की जाती है।

रिपोर्ट में कहा कि इस परियोजना के लिए कोष जुटाने के लिए बीबीएमपी ने 52.74 करोड़ रुपए का कर्ज लेने के लिए 6 एकड़ सरकारी जमीन को गिरवी रखा है जिसे छुड़ाने के कदम उठाए जाएं। समिति ने परियोजना की विफलता के लिए जिम्मेदार रहे बीबीएमपी के अधिकारियों व ठेकेदार कंपनी के खिलाफ आपराधिक केस दायर करके कड़ी कार्रवाई किए जाने की भी सिफारिश की। समिति ने सरकार पर अधिक बोझ नहीं पडऩे देने लायक कचरे से बिजली उत्पादन करने की योजना को शुरू करने व इस बारे में कर्नाटक नवीकृत ऊर्जा विकास निगम तकनीकी सलाह व मार्गदर्शन लिए जाने की सिफारिश की।

गौरतलब है कि मंडूर में  कचरे से बिजली का उत्पादन करने की इस परियोजना के बारे में 2007 में अनुबंध किया गया था और 20 माह की अवधि में बिजली का उत्पादन शुरू करने के ठेकेदार कंपनी को निर्देश दिए गए थे। लेकिन इस परियोजना को अब ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।

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