प्रदूषित पानी से इंसान ही नहीं मछलियों की जान भी खतरे में

Amit Sharma

Publish: Apr, 21 2017 09:51:00 (IST)

bareilly
प्रदूषित पानी से इंसान ही नहीं मछलियों की जान भी खतरे में

प्रदूषित पानी से मछलियां और अन्य जलीय जीवों में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी फ़ैल रही है।

बरेली। उद्योगों से निकलने वाले अवशिष्ट पदार्थों से नदियों का पानी दिन पर दिन प्रदूषित होता जा रहा है लेकिन जिम्मेदार लोगों का ध्यान इस ओर नहीं है। कुछ यही हाल रामगंगा नदी का भी हो गया है। कालागढ़ से फर्रुखाबाद तक नदी के पानी की जांच में खुलासा हुआ है कि इस नदी का पानी इतना प्रदूषित हो गया है कि इसमें रहने वाली मछलियां और अन्य जलीय जीव में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी फ़ैल रही है। जिससे इन्हें खाने वालों में भी कैंसर का खतरा उत्पन्न हो गया है।

Fish

रिसर्च में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
रुहेलखंड विश्वविद्यालय की जीव विज्ञान प्रोफेसर नीलिमा गुप्ता इन दिनों रामगंगा नदी के पानी पर रिसर्च कर रही हैं। उन्होंने कालागढ़ से लेकर फर्रुखाबाद तक करीब 600 किलोमीटर के पानी के नमूने लेकर जांच की तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। प्रोफेसर नीलिमा गुप्ता ने बताया कि शोध टीम ने मछलियों की भी जांच की। टीम ने मुरादाबाद में कटघर और दसवा घाट व बरेली के चौबारी घाट की मछलियों की जांच की अधिकतर मछलियों में कैडमियम,ज़िंक, कोबाल्ट,आयरन और लैड मिला हैं। पानी में कैडमियम, ज़िंक, कोबाल्ट, आयरन और लैड की अधिक्ता होने से मछलियां भी इसका शिकार हो रही हैं और मछलियों को कैंसर हो रहा है। ऐसी मछलियां खाने से इंसान को भी कैंसर हो सकता है।

Ram Ganga

मुरादाबाद से नदी में प्रदूषण शुरू  
प्रोफेसर नीलिमा ने बताया कि उन्होंने कालगढ़ से फर्रुखबाद तक कुल पांच प्वाइंट चिन्हित कर वहां के पानी की जांच की है। कालागढ़ में तो नदी का पानी साफ़ मिला है लेकिन मुरादाबाद के कठघर से पानी प्रदूषित होना शुरू हुआ है और बरेली में भी पानी प्रदूषित पाया गया। जिसका प्रमुख कारण उन्होंने मुरादाबाद के पीतल उद्योग को माना है साथ ही बरेली में भी तमाम फैक्ट्रियां नदी के पानी को प्रदूषित करने के लिए जिम्मेदार हैं।

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