साधु संतों की तपस्या से पड़ा Tapeshwarnath नाम

Bareilly, Uttar Pradesh, India
साधु संतों की तपस्या से पड़ा Tapeshwarnath नाम

अनेकों साधू संतों की तपस्या से प्रसन्न होकर Lord Shiva ने इसे तपेश्वर नाथ कह कर पुकारा।यही नाम आज भी प्रसिद्ध है।

बरेली। Sri Tapeshwarnath Mandir नाथ नगरी बरेली के प्राचीन मन्दिरों में से एक है। दक्षिण भूतनाथ सुभाषनगर में स्थित इस मन्दिर में अनेक ऋषि मुनियों ने कठोर तपस्या की।अनेकों साधू संतों की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने इसे तपेश्वर नाथ कह कर पुकारा।यही नाम आज भी प्रसिद्ध है।

भालू बाबा कहते थे तपस्वी को 

यहाँ एक बाबा ने गुफा में रहकर 400 वर्षों तक तप किया। उनके पूरे शरीर पर भालू के समान बाल थे। इसलिए लोग उन्हें भालू दास बाबा कह कर पुकारते थे। बाबा जिससे जो कह देते थे वो सत्यसिद्ध था। यहाँ बाबा मुनिश्वर दास और राम टहल दास जी ने भी कठोर तपस्या की। इन संतों पर भगवान शिव की असीम कृपा थी। इनके कहे वचन कभी गलत नहीं होते थे।यही के गोपाल दास बाबा ने जब रामपुर के कब्रिस्तान के पास कुटिया बनाई तो रामपुर के नवाब सैनिकों के साथ उन्हें हटाने पहुँच गए तब बाबा ने उनसे कहा कि मुझे हटाने के पहले अपनी बेगम को देख लो और जब नवाब घर पहुँचे तो उनकी बेगम मरणासन्न अवस्था में थी।नवाब समझ गए कि ये सब बाबा के प्रति द्वेष भावना के कारण हुआ है।उन्होंने बाबा से माफ़ी मांगी तो बाबा ने उन्हें क्षमा कर उनकी बेगम को स्वाथ्य कर दिया।

मंदिर के पास बहती थी Ganga 

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वर्षों पहले मन्दिर के पास गंगा बहती थी जिसके कारण यहाँ की मिटटी अभी भी रेतीली है।Tapeshwarnath मन्दिर वैष्णव सम्प्रदाय की देख रेख में है। यहाँ बाबा के आश्रम के साथ ही गौशाला और श्रद्धालुओं के विश्राम के लिए धर्मशाला भी बनी हुई है। मन्दिर में श्री मुनीश्वर दास, श्री राम टहल दास और श्री राम गोपाल दास जी की समाधियाँ भी है। यहाँ पर काफी तादात में भक्त पूजा अर्चना के लिए आते हैं Sawan में कावड़िएं गंगा जी से जल लाकर यहाँ जलाभिषेक करते है।

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