बुरुंगपाल वाटर टैंक के पिचिंग वॉल से रिस रहा पानी, फसल बर्बाद, मरम्मत को लेकर उठे सवाल

Jagdalpur
 बुरुंगपाल वाटर टैंक के पिचिंग वॉल से रिस रहा पानी, फसल बर्बाद, मरम्मत को लेकर उठे सवाल

दो साल पहले हुए मरम्मत के बावजूद भी  रिस रहा पानी, वाटर टेंक की गुणवत्ता पर उठ रहा सवाल, किसानों को खड़ी फसल डूबने की सता रही चिंता

जगदलपुर. तोकापाल ब्लॉक के बुरुंगपाल में जल संसाधन विभाग द्वारा बनाए गए बड़े वाटर टैंक से पखवाड़ेभर से पानी का रिसाव जारी है, जिससे फसल बर्बाद हो गई हैं।

वैसे डेम से पानी का रिसाव साधारण बात है पर यहां डेम के गेट की बजाय दीवार की दरारों से पानी निकल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इसके चलते टैंक का जल स्तर तीन फीट से अधिक घट गया है।
crops damage
विभाग ने यहां 1995 -96 में सिंचाई की सुविधा बढ़ाने के लिए वाटर टैंक बनाया था। दो दशक बाद ही इसकी हालत बिगडऩे लगी थी। पहले भी इस टैंक के पिचिंग वाल से पानी के रिसाव की समस्या को लेकर शिकायतें विभाग को मिलती रही हैं।  2015 में विभागीय कर्मचारियों ने जांच की और कुछ मरम्मत का काम भी किया गया, लेकिन दो साल के बाद फिर एेसी नौबत आने से मरम्मत व गुणवत्ता पर सवाल खडे हो रहे हैं।

खड़ी फसलों की सताई चिंता
रिसाव से नजदीक में लगे खेत लबालब है। यहां खरीफ फसल की कटाई आखिरी दौर में है। इस वजह से इन खड़ी फसलों के डूब जाने की चिंता किसानों को सता रही है। किसानों ने  बताया कि पौधे एक फीट तक डूब गए हैं। इसके अलावा मिट्टी दलदली होकर खेती के लायक नहीं रह गई है। किसानों व ग्रामीणों ने जल्द ही इसकी मरम्मत करने की गुजारिश विभाग
से की है।

एसडीओ ने कहा, पहाड़ से उतरा होगा पानी
धर्मेंद्र मेश्राम,  एसडीओ, जल संसाधन विभाग : टैंक का पानी के रिसाव की समस्या सुधारी जा चुकी है। 2015 में ही रंगीन पानी डालकर पिचिंग का परीक्षण किया जा चुका है। दरअसल इस टैंक के आसपास पहाड़ी है। यह पानी वहीं से उतरकर खेतों तक पहुंच रहा है। गेट के कुछ हिस्से में परेशानी हो सकती है, उसे देखा जाएगा। फिलहाल टैंक में 70 प्रतिशत पानी भरा हुआ है।

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