scriptNo longer does the House Swift | अब नहीं दिखती हाउस स्विफ्ट | Patrika News

अब नहीं दिखती हाउस स्विफ्ट

उड़ते हुए कीटों का भक्षण करने वाली हाउस स्विफ्ट नामक चिडिय़ा इन दिनों संकट में है। इसका कारण इनके घोंसलों के लिए मुफीद स्थान नहीं मिलना है। इससे शाम के समय समूह में उडऩे वाली हाउस स्विफ्ट  नामक चिडिय़ा इक्का-दुक्का स्थानों पर ही दिखाई दे रही है। 

जयपुर

Published: March 12, 2015 12:05:55 am

उड़ते हुए कीटों का भक्षण करने वाली हाउस स्विफ्ट नामक चिडिय़ा इन दिनों संकट में है। इसका कारण इनके घोंसलों के लिए मुफीद स्थान नहीं मिलना है। इससे शाम के समय समूह में उडऩे वाली हाउस स्विफ्ट नामक चिडिय़ा इक्का-दुक्का स्थानों पर ही दिखाई दे रही है। 

गौरतलब है कि घरेलू बतासी नाम से प्रचिलित यह चिडिय़ा अपने घोंसले पुराने मकानों के अहातों की छतों, किलों, मंदिरों की छतों में उल्टे बनाती है, लेकिन घोसलों की सफाई और लगातार खत्म हो रही पुरानी इमारतों के चलते इनकी संख्या पर खास असर पड़ा है। यह हवा में उडऩे वाले कीटों को अपना भोजन बनाती है इसलिए इसे फ्रैंड फॉर मैन भी कहा जाता है।

खाती हैं कीट पतंगे
ये चिडिय़ा अमुमन शाम को सूर्यास्त के कुछ समय पहले से लेकर कुछ समय बाद तक आसमान में उड़ान भरती है। जो समूह में गोलाकार और कुछ दूरी तक उड़ती रहती है। इसके बाद सीधे घोंसले में घुस जाती है।जो अधिकतम सौ मीटर के घेरे में उड़ती रहती है। बहुत ही कम समय के लिए कभी घोंसले पर दिखाई देती है। उड़ते हुए ही ये अपना भोजन करती है। इसमें मच्छर, कीट, मोयला आदि का भक्षण करती है। उड़ते समय इसके पंख तलवारनुमा दिखाई देते हैं। ये चिडिय़ा उड़ते हुए ही पानी भी पीती है। 

फ्रैंड फॉर मैन
यह चिडिय़ा मनुष्य की दोस्त होती है। घोंसले भी इसी कारण मनुष्यों के रहने या आवाजाही वाले स्थान पर बनाती है। कीटों, मच्छरों को अपना भोजन बनाती है। इसलिए इसे फ्रैंड फॉर मैन भी कहा जाता है।ये चिडिय़ा मनुष्यों की संगत में ही रहती है। 

खत्म हो रहे हैं आवास स्थल 
इस चिडिय़ा के आवास स्थल पिछले कुछ वर्षों से नष्ट होते जा रहे हैं। इसमें पुराने मकानों का जिर्णोद्धार होना, किलों में सफाई, मंदिरों का पुनर्निमाण आदि सके समय लोग इनके घोंसलों को हटा देते हैं। साथ ही पुरानी इमारतों की संख्या भी काफी कम हो गई है। इससे इनकी संख्या में कमी आती जा रही है। इनकी कॉलोनियां बहुत कम बची हुई है।

कपनुमा घोंसला
हाउस स्विफ्ट नामक चिडिय़ा के घोंसले छतों पर अंदर से बनाती है। जो उल्टे कपनुमा आकार के होते हैं और काफी खूबसूरत लगते हैं। इस चिडिय़ा को कुशल इंजीनियर भी कहा जाता है क्योंकि यह मिट्टी, तिनके, अन्य पक्षियों के पंख और अपनी लार की सहायता से घोसले का निर्माण करती है, जो काफी मजबूत भी होते हैं और बिना किसी सहारे के दीवार से लटकते रहते हैं।

संख्या में कमी
हाउस स्विफ्ट चिडिय़ा अब काफी कम हो गई हैं। शाम के समय इनके समूह कभी-कभार दिखाई देते हैं। कीट पतंगे खाने के कारण इसे फ्रैंड फॉर मैन भी कहा जाता है। पहले यह चिडिय़ा दो सौ से तीन सौ के समूह में देखी जा सकती थी, जो संख्या अब आधे से भी कम हो गई है। इनके आवास स्थलों को बचाने पर ही इनका संरक्षण हो सकेगा। 
देवेन्द्र मिस्त्री, पक्षीविद्, प्रतापगढ़

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