स्‍वच्‍छ भारत का सपना केवल कागजों में यहां आंगनबाड़ी केन्द्रों में नहीं बना शौचालय

Bemetara, Chhattisgarh, India
स्‍वच्‍छ भारत का सपना केवल कागजों में यहां आंगनबाड़ी केन्द्रों में नहीं बना शौचालय

महिला व बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित सैकड़ों आंगनबाड़ी केन्द्रों में विद्युत, शौचालय व पानी की व्यवस्था नहीं है।

बेमेतरा. महिला व बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित सैकड़ों आंगनबाड़ी केन्द्रों में विद्युत, शौचालय व पानी की व्यवस्था नहीं है। 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों के लिए शासन द्वारा खोले गए आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों को मूलभूत सुविधाएं तक मुहैया नहीं कराई जा रही हैं।

जिले में हजार से अधिक आंगनबाड़ी
बताना होगा कि वर्तमान में जिले में कुल 1055 आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित हैं। इनमें से 624 आंगनबाड़ी केन्द्र विभागीय भवनों में, 252 किराए के भवन व 171 पंचायत, सामुदायिक भवनों में संचालित हैं। शासकीय भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों में विद्युत व जल व्यवस्था नहीं है, वहीं किराए के कमरों में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों में मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है। किराए के एक कमरे में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों में शौचालय, रसोईघर, भण्डारगृह सहित जल व्यवस्था की कमी देखी जा रही है। 

बिना कूलर के बीत गई गर्मी
अल्प वर्षा के कारण पड़ रही गर्मी से बचने लोग घरों में पंखा, कूलर व एसी का उपयोग कर रहे हैं, वहीं आंगनबाड़ी केन्द्रों में सुपोषित होने के लिए आने वाले नैनिहालों का विद्युत व्यवस्था नहीं होने से बिना पंखे के आंगनबाड़ी केन्द्रों में समय व्यतीत करना मुश्किल हो रहा है। भवनों में पेयजल आपूर्ति नहीं होने से बच्चों के लिए पीने का पानी एवं खाना बनाने के लिए जल की व्यवस्था करने में सहायिकाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

125 केन्द्रों का आंतरिक विद्युतीकरण
महिला व बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने करीब एक वर्ष पूर्व सभी आंगनबाड़ी भवनों में विद्युतीकरण का दावा किया था। अब तक 624 आंगनबाड़ी भवनों में से करीब 125 केन्द्रों का ही आंतरिक विद्युतीकरण हो पाया है। आंगनबाड़ी केन्द्रों का चरणबद्ध तरीके से विद्युतीकरण की बात कही गई थी, परंतु जिस कछुवा गति विद्युतीकरण हो रहा है, उससे स्पष्ट है जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों के विद्युतीकरण में कई वर्ष लगेंगे।

शासन के निर्देश पर दे रहे कनेक्शन
महिला व बालविकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विद्युत विभाग को शासन से आगनबाड़ी भवनों में विद्युत कनेक्शन करने के निर्देश मिले हैं। इस संबंध में कार्यपालन विद्युत विभाग ने बताया कि शासन के निर्देश पर आंगनबाड़ी केन्द्रों में विद्युत कनेक्शन दिए जा रहे हैं। बताना होगा कि जिले में कुल 278 आंगनबाड़ी केन्द्रों को विद्युत कनेक्शन दिया जा चुका है। जबकि इसकी तुलना में 125 आंगनबाड़ी केन्द्रों का ही आंतरिक विद्युतिकरण हो पाया है।

किराए के भवनों में शौचालय तक नहीं
जानकारी के अनुसार, जिले में करीब 252 आंगनबाड़ी किराए के भवनों में संचालित हो रहे हैं। इन भवनों में बेसिक सुविधाओं की कमी देखी जा रही हैं, इसका मुख्य कारण शासन द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्र के लिए 200-500 रुपए प्रति माह किराया दिया जाना, जो वर्तमान में सुविधायुक्त भवनों के प्रचलित किराया दर से काफी कम है। गौरतलब हो कि किराए के भवनों में संचालित अधिकतर आंगनबाड़ी केन्द्रों में शौचालय नहीं हैं।

कर रहे हैं विद्युतिकरण का प्रयास
जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेश सिन्हा का कहना है कि वर्तमान में पीडब्ल्यूडी की ईएनएम शाखा, ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत द्वारा पूर्व में निर्मित आंगनबाड़ी भवनों में आंतरिक विद्युतीकरण किया जा रहा हैं। बीते दो साल से नए भवनों की स्वीकृति में आंतरिक विद्युतीकरण को शामिल किया गया है। जिले में स्वयं के आंगनबाड़ी भवनों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण के प्रयास जारी है।

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