फर्जी दस्तावेज के जरिए नियुक्ति पाने वाले 20 शिक्षाकर्मी 9 साल बाद बर्खास्त

Saja, Chhattisgarh, India
फर्जी दस्तावेज के जरिए नियुक्ति पाने वाले 20 शिक्षाकर्मी 9 साल बाद बर्खास्त

साजा जनपद ने आखिरकार फर्जी दस्तावेजों के सहारे नियुक्ति पाने वाले 20 शिक्षाकर्मियों को बर्खास्त कर दिया।

बेमेतरा/साजा.साजा जनपद ने आखिरकार फर्जी दस्तावेजों के सहारे नियुक्ति पाने वाले 20 शिक्षाकर्मियों को बर्खास्त कर दिया। जांच के नाम पर लंबे समय से अटकी प्रक्रिया के लिए विगत 9 जनवरी को जनपद पंचायत के सामान्य प्रशासन समिति का बर्खास्तगी का प्रस्ताव ताबूत में अंतिम कील साबित हुई, जिसके बाद साजा जनपद ने गुरुवार को 20 शिक्षाकर्मियों की बर्खास्तगी का आदेश जारी किया। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।

2007 में हुई थी नियुक्ति
साजा जनपद ने जिन 20 शिक्षाकर्मियों की बर्खास्तगी की है, उनकी नियुक्ति 29 जून 2007 में हुई थी। नियुक्ति के दौरान और उसके बाद भी शिक्षाकर्मी की नौकरी के लिए लगाए गए दस्तावेजों की सत्यता को लेकर सवाल उठते रहे और समय-समय पर जांच होती रही। लेकिन कार्रवाई के नाम पर एक्का-दुक्का शिक्षाकर्मियों को ही बर्खास्त किया और पुलिस में प्रकरण दर्ज कराया गया। ऐसा पहली बार हुआ है कि जब जनपद ने फर्जी दस्तावेज के सहारे नियुक्ति पाए 20 शिक्षाकर्मियों को एक साथ बर्खास्त किया है।

समिति को लेना पड़ा निर्णय
फर्जी शिक्षाकर्मियों की नियुक्ति के नाम पर पूरे प्रदेश में साजा की किरकिरी होने के बाद भी कार्रवाई से गुरेज करने पर आखिरकार साजा जनपद पंचायत की सामान्य प्रशासन समिति ने 9 जनवरी को हुई बैठक में सर्वसम्मति से इन 20 शिक्षाकर्मियों के साथ-साथ पूर्व में जांच में दोषी पाए गए एक शिक्षाकर्मियों को बर्खास्त करने का प्रस्ताव पारित किया।

अब एफआईआर का इंतजार
साजा जनपद ने 20 शिक्षाकर्मियों की बर्खास्तगी का आदेश तो जारी कर दिया है, लेकिन सामान्य प्रशासन समिति की एफआईआर दर्ज कराने पर स्थिति स्पष्ट नहीं की है। इसके अलावा समिति ने इन शिक्षाकर्मियों के दस्तावेजों की जांच करने वाली तत्कालीन छानबीन समिति और चयन समिति के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई का प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन अब तक इसमें भी स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।

केवल 20 नहीं 200-250
जानकार बताते हैं कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे शिक्षाकर्मी की नियुक्ति पाने वाले केवल 20-21 नहीं है, बल्कि इनकी संख्या 200-250 है। इनमें से कुछ तो साजा जनपद में ही पदस्थ हैं, तो अनेक लोग स्थानांतरण लेकर कवर्धा सहित प्रदेश के दूसरे जिलों में जाकर सालों से नौकरी कर रहे हैं। इनके खिलाफ भी कठोक कार्रवाई की जाए तब जाकर कहीं साजा जनपद के दामन में लगा दाग धुल पाएगा।

पत्रिका ने उठाया था मुद्दा
साजा जनपद में फर्जी दस्तावेजों के सहारे नियुक्ति पाने वाले शिक्षाकर्मियों के संबंध में 'पत्रिकाÓ ने ही पहल करते हुए खबरों का सिलसिला शुरू किया था। इसके लिए जरूरी दस्तावेज बेमेतरा के अलावा दुर्ग जिले से भी एकत्रित कर मामला के प्रकाश में लाया गया था। 'एक रोल नंबर के सहारे दो डीएडÓ 23 दिसंबर 2015 को खबर प्रकाशित करने के साथ शुरू हुआ सिलसिला 20 शिक्षाकर्मियों की बर्खास्तगी के साथ एक पड़ाव पर पहुंच गया है।

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