एक रुपया और नारियल के शगुन से शादी के बंधन में बंधे दो अधिकारी

Yuvraj Singh

Publish: Apr, 21 2017 12:21:00 (IST)

Jaipur, Rajasthan, India
एक रुपया और नारियल के शगुन से शादी के बंधन में बंधे दो अधिकारी

दादरी के आईएएस और राजस्थान के बीकानेर की आरजेएस अधिकारी ने अपने विवाह मंडप पर लिया अनोखा संकल्प

भिवानी। दादरी शहर के रहने वाले अशोक स्वामी के बेटे सौरभ स्वामी आईएएस ने यूपीएससी की रैंकिग में जहां 148 वीं रैंकिंग पाई थी तो उस समय जिले में काफी उत्साह और सन्देश की चर्चा रही कि सौरभ ने बड़ी कठनाईयों के साथ इस मुकाम को हासिल किया। लेकिन आज सौरभ की शादी में सौरभ और उनकी दुल्हन बनी अनुभूति के अनोखे संकल्प ने उनके पिता की मेहनत और स्वयं के जीवन में और चार चांद लगा दिए हैं, दोनों ने अपने विवाह मंडप पर सामाजिक संस्थाओं के अभियान को अपनाकर अनोखा संकल्प लिया है कि वे एक बेटी-एक पेड़ मिशन के तहत बेटी, पेड़ और जल को बचाऐंगे। इस अनोखे संकल्प में केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल सहित देश और विदेश से जुड़े आईएएस और जुडिसियल से जुड़े अधिकारीयों ने भी शिरकत कर दूल्हे और दुल्हन को बधाई दी।

दूल्हे और दुल्हन के रूप में अटूट रिश्ते से बंधे दोनों अधिकारियों ने समाज में अच्छा कार्य और मानवता की सेवा करने का भी संकल्प लिया है। शादी में एक रुपया और नारियल के शगुन से दोनों अधिकारी बंधन में बंधे। हर कोई अपने विवाह मंडप पर सुखी दाम्पत्य जीवन के लिए पंडित के साथ 7 वचन लेते है पर यहाँ पर दूल्हे और दुल्हन ने सामाजिक संस्थाओं के साथ 8 वचन बेटी,पेड़ और जल बचाने का लिया है जो दोनों प्रदेशों में चर्चा का विषय है। दादरी और बीकानेर दोनों स्थानों पर विवाह की रस्में पूर्ण की गई।

आईएएस दूल्हे के पिता अशोक स्वामी ने कहा कि उन्हें बड़ी खुशी है कि उनके आईएएस बेटे और उनकी पुत्रवधु अनुभूति ने सामाजिक संस्थाओं के साथ आठवां संकल्प लेकर बेटी,पेड़ और जल बचाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि पहले मेरे बेटे ने यूपीएससी की रैंकिग में 148 वा रैंक प्राप्त कर मेरा नाम रोशन किया और अब यह अनोखा संकल्प लेकर मेरा ही नहीं बल्कि दोनों प्रदेशों का भी नाम रोशन किया है।

वही इस अनोखे संकल्प की शादी में पहुंचे केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि दूल्हे और दुल्हन दोनों अधिकारियों ने सामाजिक संस्थाओं के साथ बेटी,पेड़ और जल बचाने का संकल्प लिया है यह सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि यह एक समाचार और सन्देश है, जिसे युवा पीढ़ी को अपनाना चाहिए। यदि इस बारे में हम नहीं तो कौन सोचेगा। उन्होंने दोनों अधिकारीयों के दाम्पत्य जीवन की शुभ कामना दी। वही विदेश (फ्रांस) से पहुंची युवती ने भी भारतीये संस्कृति में इस सन्देश को सरहानीय बताया।

संकल्प अभियान के सूत्रधार महंत चरणदास महाराज, राष्ट्रीय युवा पुरस्कार अवॉर्डी अशोक भारद्वाज व समाजसेवी रमेश सैनी ने कहा कि दोनों अधिकारियों को विवाह मंडप पर एक बेटी -एक पेड़ अभियान के तहत आठवां संकल्प दिलाया गया है कि बेटियों,पेड़ पौधों और जल को हर कीमत पर संरक्षण देना चाहिए। दोनों अधिकारीयों ने संकल्प लिया है कि वे समाज में इस सन्देश को लेकर काम करेंगे। उन्होंने कहा की वे अपनी संस्था के बैनर के साथ अबतक 400 दूल्हे और दुल्हन को आठवां संकल्प दिला चुके है। लेकिन यह एक अनोखी शादी रही है जिसमे आईएएस और न्याय प्रणाली से जुड़े अधिकारीयों ने अपने विवाह मंडप पर बेटियों,पेड़ पौधों और जल को संरक्षण देने का संकल्प लिया गया है, इस प्रकार के सन्देश भरी यह पहली शादी है।

गौरतलब है कि दस साल तक चाय की रेहड़ी एवं उसके बाद चाय एवं मिठाई की दुकान चलाने वाले अशोक ने जो सपना संजोया था,उसे उनके बेटेे सौरभ ने आईएएस बनकर साकार कर दिखाया था और अब सामाजिक क्षेत्र में अनोखा संकल्प लेकर उन्होंने अपने पिता की गर्दन ऊपर रखी ही साथ में एक अच्छे अधिकारी का परिचय भी दिया है। अशोक स्वामी के मुताबिक वेा बरसों से चाय की दुकान की रेहड़ी लगा रहा था। उसके बाद दुकान की व बेटे को पढ़ाया लिखाया तो बेटा इंजीनियर बना। उसका सपना था कि बेटा आईएएस बने तथा बेटे ने कड़ी मेहनत करके आईएएस बनने का सपना पूरा किया।

अशोक की मानें तो घर में गरीबी की वजह से गेहूं की बजाय बाजरे की रोटी बनती थी जो कि उसे पसंद नहीं थी तो महज गेहूं की रोटियों के लिए खाना बनाने की रेहड़ी पर काम किया। उसके बाद चाय की दुकान खोली। बेटा भी काम में मदद करता था व पढ़ाई करता था। महज आठवीं फेल अशोक के सपने को उसके बेटे ने पिछले वर्ष साकार कर दिखाया। अशोक का कहना है कि उसके सपने को साकार करने में उसकी बेटियों क भी पूरा योगदान रहा। उनका कहना है कि बेटा रात तीन बजे तक पढ़ता था।

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