MP: यहां 5000 स्कूलों में टीचर ही नहीं, पढ़ें और भी रोचक FACT

Brajendra Sarvariya

Publish: Dec, 01 2016 03:34:00 (IST)

Bhopal, Madhya Pradesh, India
MP: यहां 5000 स्कूलों में टीचर ही नहीं, पढ़ें और भी रोचक FACT

केंद्रीय मंत्रालय ने देश में बगैर शिक्षकों के संचालित हो रहे सरकारी स्कूलों को लेकर यूनिफाइड डिस्ट्रिक्स इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन (यूडीआईएसई) से रिपोर्ट तैयार करवाई है। 

भोपाल। सुनने में भले ही अजीब लगे, पर ये सच है। मध्यप्रदेश के करीब 5 हजार सरकारी स्कूल आज भी ऐसे हैं, जहां स्टूडेंट्स तो हैं, पर टीचर नहीं। ये फैक्ट जानकर जितनी हैरानी हमें हो रही है, उतनी ही केंद्र सरकार को भी हुई। सबसे बड़ी बात ये है कि मप्र में ऐसे स्कूलों की संख्या पिछले कई सालों से लगातार बढ़ रही है। इससे साफ है कि राज्य सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। दरअसल केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की एक ताजा रिपोर्ट हाल ही में संसद में पेश की गई है, जिसमें मध्यप्रदेश सरकार को हर हाल में जल्द से जल्द स्कूलों में टीचर के खाली पद भरने को कहा है। 




सबसे ज्यादा मध्यप्रदेश में खाली
बिना शिक्षकों के स्कूल चलाने के मामले में मध्यप्रदेश देश में अव्वल है। यहां के 4 हजार 837 सरकारी स्कूलों में सालों से शिक्षक नहीं हैं। केंद्रीय मंत्रालय ने देश में बगैर शिक्षकों के संचालित हो रहे सरकारी स्कूलों को लेकर यूनिफाइड डिस्ट्रिक्स इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन (यूडीआईएसई) से रिपोर्ट तैयार करवाई है। यूडीआईएसई ने वर्ष 2015-16 को लेकर जो रिपोर्ट दी है, उसके तहत मप्र में सबसे ज्यादा सरकारी स्कूल शिक्षक विहीन हैं। इनमें ज्यादातर स्कूल प्राथमिक स्तर के हैं। तेलंगाना के 1944 , आंध्रप्रदेश के 1339, छत्तीसगढ़ के 385 और उत्तरप्रदेश के 393 स्कूलों की ऐसी ही स्थिति है।  




तीन लाख से ज्यादा पद खाली
रिपोर्ट के मुताबिक देश में सर्व शिक्षा अभियान के तहत शिक्षकों के 19.48 लाख पद सृजित किए गए हैं, लेकिन 31 मार्च 2016 की स्थिति में 15.74 लाख शिक्षकों के ही पद भरे जा सके हैं। ऐसे में अभी भी करीब 3.74 लाख शिक्षकों के पद भरे जाने हैं।

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