भोज ओपन यूनिवर्सिटी के कुलपति को रिटायरमेंट से 33 दिन पहले ही हटाया

Brajendra Sarvariya

Publish: Mar, 19 2017 09:49:00 (IST)

Bhopal, Madhya Pradesh, India
भोज ओपन यूनिवर्सिटी के कुलपति को रिटायरमेंट से 33 दिन पहले ही हटाया

कुलपति जफर को हटाया कनेरे को सौंपा प्रभार, प्रोफेसर और कर्मचारियों की नियुक्ति में आर्थिक गड़बड़ी के आरोप से घिरे हैं डॉ. तारिक जफर 

भोपाल। मध्यप्रदेश भोज मुक्त यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. तारिक जफर को कार्यकाल खत्म होने के 33 दिन पहले शनिवार दोपहर को हटा दिया है। कुलाधिपति व राज्यपाल ओपी कोहली ने धारा 33 के तहत यह कार्रवाई की। 20 अप्रैल को डॉ. जफर का कार्यकाल खत्म हो रहा था। वे 18 फरवरी को इस्तीफा भी दे चुके थे। डॉ. जफर दो साल पहले 80 कर्मचारियों को संविदा से नियमित करने और 27 नए कर्मचारियों की भर्ती करने के दो अलग-अलग मामले में विवादों में आए थे। उनकी जगह मप्र लोक सेवा आयोग के परीक्षा नियंत्रक डॉ. आरआर कन्हेरे को कुलपति का प्रभार दिया है। वे सोमवार को ज्वाइन कर सकते हैं।    




शुरू से ही विवादों में रहे
डॉ. तारिक जफर की नियुक्ति 21 अप्रैल 2013 में विवि के कुलपति के तौर पर की गई थी। उनकी नियुक्ति के साथ ही विवाद शुरू हो गया था। आरोप है कि ये गैर शैक्षणिक पद से आते हैं, एेसे में इन्हें कुलपति नहीं बनाया जा सकता। हालांकि इस मामले में कुलपति का कहना था कि वे प्रोफेसर रहे हैं। इस आधार पर वे कुलपति बनाए जा सकते हैं। फिलहाल यह मामला उच्च न्यायालय में लंबित है। कुलपति के पद पर नियुक्ति के बाद तारिक जफर ने यहां के 80 संविदा कर्मचारियों को नियमित कर दिया था। साथ ही 27 असिस्टेंट प्रोफे सर और प्रोफेसर के पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हुई थी।  उन पर आर्थिक अनियमितता किए जाने के गंभीर आरोप भी लगे। लंबे समय से चल रहे इस विवाद के चलते गत फरवरी माह में इन्होंने अपने पद से स्तीफा भी दे दिया था, लेकिन राजभवन से स्वीकार नहीं किया गया था। 




कुलपति बोले मैं सही 
इस संबंध में डॉ. तारिक जफर का कहना है कि उन्होने 18 फरवरी को ही अपना स्तीफा राजभवन को सौंप दिया था, लेकिन तब शासन ने इसे स्वीकार नहीं किया। अब नियम 91 के एक्ट का पालन किए बिना हटाया जा रहा है। फिर भी शासन का निर्णय स्वीकार है।

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