भोपाल के बड़े तालाब के साथ खिलवाड़

shahid samar

Publish: Feb, 17 2017 02:10:00 (IST)

Bhopal, Madhya Pradesh, India
भोपाल के बड़े तालाब के साथ खिलवाड़

 बड़े तालाब में रिटेनिंग वॉल का मामला...दिया खुद का डाटा, करवा ली मैपिंग, एजेंसी ने पूछा तक नहीं




भोपाल.  भोपाल के बड़ा तालाब की जियो मैपिंग में रिटेनिंग वॉल को बचाने के खेल में नगर निगम ने मैङ्क्षपग करने वाली एजेंसी से मिलकर आंकड़ों से जमकर छेड़छाड़ की है। 1665 से 1666.80 फुल टैंक लेवल के आंकड़े दिए। एेसे में स्थिति यह बनी कि तालाब के भीतर की जगह बाहर हो गई और बाहर की जगह अंदर।
जियो मैपिंग करने वाली कंपनी का कहना है कि उसे तो निगम ने जो आंकड़े दिए उसने उसके आधार पर मैपिंग कर दी। दिए गए आंकड़ों के आधार पर जो हिस्सा एफटीएल में आया, उसे चिह्नित कर रिपोर्ट तैयार कर दी। गौरतलब है कि कंपनी ने नवंबर 2016 में काम शुरू किया था और एक माह यानी दिसंबर 2016 में पूरा कर रिपोर्ट सबमिट कर दी। आंकड़ेबाजी की इसी गड़बड़ का असर रहा कि  तालाब के भीतर बनी रिटेनिंग वॉल तालाब के भीतर रहते हुए बाहर हो गई और बाहर की सड़क अंदर आ गईं। इतना ही नहीं, आंकड़ों की ही वजह है कि दायरा करीब साढ़े छह किमी तक बढ़ गया। दरअसल नगर निगम ने बड़ा तालाब की मैपिंग का काम करने वाली इंदौर की फ्रेंड्स एसोसिएट्स ने बड़ा तालाब में एक तय डाटा से ही मार्र्किंग है।

भदभदा पर 1666.80 फीट
जियो मैपिंग के लिए भदभदा और इससे जुड़े हिस्से में 1666.80 फीट के अनुसार मैपिंग की गई है। इससे इस क्षेत्र में तालाब का दायरा बढ़ा हुआ मिला। यहां करीब डेढ़ सौ मुनारें तालाब के भीतर ही रही। वीआईपी रोड के शुरुआती हिस्से में 1666 फीट की आधार पर मैपिंग की गई। यही स्तर बोटक्लब और इससे जुड़े वनविहार के हिस्से में रखा गया। करबला से आगे खानूगांव की ओर मैपिंग में लेवल ढाई फीट तक घटा दिया गया, जिसके असर से वीआईपी रोड का शुरुआती हिस्सा तो एफटीएल में आ रहा, जबकि इसके आगे तालाब के भीतर वाली रिटेनिंग वॉल बाहर हो गई।

लेक फ्रंट डेवलपमेंट 16 करोड़ वॉल पर ही खर्च कर दिए

बड़ा तालाब को अतिक्रमण से बचाने के लिए जेएनएनयूआरएम के तहत लेक फ्रंट डेवलपमेंट नाम से 16 करोड़ रुपए मंजूर हुए थे। इस राशि से तालाब किनारे पार्क  विकसित करने, पाथवे बनाने और इसका सौंदर्यीकरण करना था। इसकी जगह रिटेनिंग वॉल खड़ी कर दी। बारिश में पानी जब रिटेनिंग वॉल को पार गया तो खुद सीएम ने तोडऩे के निर्देश दिए थे।   
 

सीधी बातक्त. सुनील नागर, डायरेक्टर, फ्रेंड्स एसोसिएट्स

बड़ा तालाब की जियो मैपिंग आपने कैसे की, जिसमें अंदर की चीजें बाहर और बाहर की अंदर हो गई?
्र. हमें तो नगर निगम ने ही लेवल दिए थे और इनके आधार पर ही हमने मैपिंग की।
क्त. जब आपने पुराने ही आंकड़ों पर मैपिंग की तो फिर दायरे में इतना फर्क कैसे आ गया?
्र. मशीन ने जो बताया वहीं रिपोर्ट मंे दिया।
क्त. सर्वे पर सवाल खड़े हो रहे हैं, ।
्र. सवाल का मैं कुछ नहीं कह सकता। जो आंकड़े सामने आए उन्हें बता दिया
क्त. बारिश में तो पानी ने सड़क तक को डूबों दिया था?
अब बारिश में तो पानी अपना स्थान बनाता है और बढ़ता है। हम तो उन्हीं आंकड़ों  पर बात करते हैं जो दिए गए होते हैं।




 

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