जिस थाने में पिता ने लिखी FIR, वहीं एसआई बेटी कर रही इंवेस्टिगेशन

Brajendra Sarvariya

Publish: Mar, 20 2017 09:25:00 (IST)

Bhopal, Madhya Pradesh, India
जिस थाने में पिता ने लिखी FIR, वहीं एसआई बेटी कर रही इंवेस्टिगेशन

राजधानी भोपाल के गोविंदपुरा थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर सलोनी महिला सब इंस्पेक्टर नहीं होने के कारण बागसेवनिया थाने के अपराधों की भी विवेचना करती हैं।

कुलदीप सारस्वत @ भोपाल। एक पिता के लिए इससे ज्यादा खुशी की बात और क्या हो सकती है कि उसकी बेटियां उसकी राह पर चलें। भोपाल पुलिस लाइन में रहने वाले रिटायर्ड पुलिस अफसर रघुवीर सिंह चौहान ऐसे ही खुशनसीब पिता हैं। तीन साल पहले एसडीओपी पद से रिटायर्ड हुए रघुवीर सिंह की तीनों बेटी प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर हैं। बड़ी बेटी कंचन सिंह आष्टा, छोटी अर्चना गंजबासौदा और मझली बेटी सलोनी गोविंदपुरा थाने में पदस्थ है। आइए इस दिलचस्प परिवार से जुड़ी कुछ बातें हम आपको बताते हैं...




देशभक्ति ने दिलाया प्रमोशन
रघुवीर सिंह ने बताया कि वह 1972 में सब इंस्पेक्टर के पद पर पुलिस में भर्ती हुए। पहली पोस्टिंग मुरैना जिले के सबलगढ़ में हुई। देशभक्ति और जनसेवा की भावना से बेहतर काम करने को लेकर विभाग ने एक के बाद एक प्रमोशन दिया और साल 2012 में एसडीओपी पद से रिटायर्ड हो गए।




अपराध मुक्त समाज की दलील...
राजधानी भोपाल के गोविंदपुरा थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर सलोनी महिला सब इंस्पेक्टर नहीं होने के कारण बागसेवनिया थाने के अपराधों की भी विवेचना करती हैं। बागसेवनिया थाने में ही वर्ष 1995 में टीआई के रूप में सलोनी के पिता रघुवीर सिंह तैनात थे। सलोनी ने बताया कि उनके पिता पुलिस को एक परिवार मानकार काम करते थे। डिवीजन में उनके सहकर्मी और अधीनस्थ हमेशा उनके काम की तरीफ करते थे। हमारे लिए वे आज भी प्रेरणास्रोत हैं। उस दिन बहुत खुश होते थे। हमेशा उन्होंने अपने बच्चों को एक ही बात सिखाई कि पुलिस पर समाज को भरोसा है, सब तक समाज अपराध मुक्त नहीं होगा, सिविलियन चैन की नींद नहीं हो सकेगा।




ऐसे पहनी खाकी
अर्चना ने साल 2011 में सब इंस्पेक्टर की परीक्षा पास की। 2012 में वर्दी कंधे पर आ गई।इससे बड़ी बहन कंचन और मझली बहन सलोनी का हौसला और बढ़ा गया। सलोनी और कंचन ने एक साथ साल 2012 में सब इंस्पेक्टर की परीक्षा पास कर 2013 में पुलिस की नौकरी ज्वाइन कर ली। 

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