काले धन के मामले में फंसे जोशी दंपत्ति के खुल रहे हैं राज, जानिए कहां खर्च किया रुपया

Bhopal, Madhya Pradesh, India
काले धन के मामले में फंसे जोशी दंपत्ति के खुल रहे हैं राज, जानिए कहां खर्च किया रुपया

निलंबित आईएएस दंपत्ति टीनू-अरविंद जोशी ने अपनी काली कमाई से प्रदेश भर के आधा दर्जन जिलों में करीब 104 जमीनें खरीदी थीं।

भोपाल. निलंबित आईएएस दंपत्ति टीनू-अरविंद जोशी ने अपनी काली कमाई से प्रदेश भर के आधा दर्जन जिलों में करीब 104 जमीनें खरीदी थीं। यही नहीं, गुवाहाटी में भी हाउसिंग प्रोजेक्ट में पैसा लगाकर खूब कमाया। दोनों ने जेके रिसॉर्ट के मालिक एसपी कोहली और जीएसआई लमिल के पवन अग्रवाल से व्यवसायिक गठजोड़ कर अप्रवासी बहनों और मां-बाप के नाम जमीनों में निवेश किया था।  एसपी कोहली के जरिए शराब व्यवसाय से भी कमाई की। इसके अलावा  बीमा क्षेत्र और शेयर मार्केट में भी दंपत्ति ने बड़ा निवेश किया था। अदालत में पेश चालान में इस बात का जिक्र है। जांच में सामने आया कि जोशी दंपत्ति ऑफिस टाइम में शेयर बाजार में निवेश किया करते थे। जोशी दम्पत्ति ने भोपाल के सिकंदराबाद, साकल पडरिया, सेमरी, बिलखिरिया, गोलाखेडी, इस्लाम नगर, मैडोरी, रंगपुरा सेमरी, दीवानगंज, में करीब 104 जमीनों के सौदे किए थे। इसके अलावा भोपाल जिले में कई एचआईजी मकान भी खरीदे। यह जमीनें जोशी दंपत्ति ने माता-पिता, अप्रवासी बहनों और व्यवसायिक सहयोगियों के नाम से खरीदी थी। 

विदेश से पैसा आने के कोई सबूत नहीं है
विदेशी विनियम अधिनियम के तहत अप्रवासी भारतीय जमीनें नहीं खरीद सकते। जेएस आईल मिल के मालिक से गठजोडकर बनाई फर्जी कंपनी। जोशी दम्पत्ति ने पुल बोगदा स्थित जेएस आईलमिल के मालिक पवन अग्रवाल से व्यवसायिक गठजोडकर कई फर्जी कंपनियां बनाकर अचल सम्पत्ति में निवेश किया। जांच में फर्जी कंपनियों के कागजात भी बरामद हुए है। 

गोवाहाटी के नीलान्चल इन्कलैब हाऊसिंग प्रोजैक्ट में निवेश 
आसाम की राजधानी गोवाहाटी के नीलान्चल इन्कलैब नाम के हाऊसिंग प्रोजेक्ट में जोशी दम्पत्ति ने काली कमाई लगाई थी। दिल्ली के व्यवसायिक सहयोगी कामरूप हाऊसिंग प्रोजेक्ट के मालिक देव शर्मा के जरिए निवेश किया था। हालांकि प्रोजेक्ट हरित क्षेत्र में होने से आसाम हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगा रखी है। यह प्रोजैक्ट मशहूर नृत्यगना सोनल मानसिंग की जमीन पर है। देव शर्मा की पत्नि ने श्रीमति विनोद शर्मा ने अदालत मेें हुए बयानों में इस बात को कबूला है। 

बीमा क्षेत्र में लगाई काली कमाई 
जोशी दम्पत्ति ने बीमा क्षेत्र में भी विभिन्न कंपनियों में व्यापक पैमाने पर निवेश किया था। बीमा क्षेत्र की अग्रणी कंपनी में अधिकारी सीमा जायसवल और उनके पति संतोष जायसवाल के जरिए यह निवेश किया गयाथा। एमपीनगर के एक बैंक से सीमा के जरिए विभिन्न नामों से ड्राफ्ट बनवाकर जोशी दम्पत्ति जमीने खरीदते थे। 

मॉ- बाप ने कबूली सीमित आय 
रिटायर्ड आईपीएस पिता एचएम जोशी ने लोकायुक्त पुलिस की जांच मेंकबूला है किउनकी पेन्शन के अलावा कृषि से मामूली आय होती है। मां निर्मला ने कबूला है कि वह गृहणी हैं। लोकायुक्त पुलिस के अनुसार इससे साबित होता है  कि  माता पिता के नाम से जमीने काली कमाई से खरीदी गई । आयकर छापे में मिली अकूत सम्पत्ति आयकर विभाग ने 4 फरवरी 2010 को जोशी दम्पत्ति के घर पर छापामारा था। इसमें  करीब साढ़े 3 करोड़ रूपये की नगदी, विदेशीमुद्रा, विदेशी शराब, सोने चांदी के जेबरात,  बडे पैमाने पर जमीनों और हाऊसिंग प्रोजेक्ट में निवेश, बीमा क्षेत्र, शेयर बाजारमें भारी निवेश के अलावा व्यापारिक संस्थानों में निवेश के कागजात बरामद किये थे। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने 3 दिसम्बर 2010 कोजोशी द पत्ति, परिजन, व्यापारिक मित्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। 

इस तरह किया निवेश
- 13 करोड 91 लाख रूपये 
- बीमा क्षेत्र में 8 करोड़ 25 लाख
 - शेयरबाजार 1 करोड़ 82 लाख 
- जेके बाईन्स 15 करोड 99 लाख 
- जेके रिसॉर्ट   5 करोड 
- पवन अग्रवाल ग्रुप 1 करोड 91 लाख 
- कोहली ग्रुप 1 करोड़ 
- वाहन 50 लाख 
- शिक्षा 36 लाख 
- बैंक में जमा 58 लाख 
- अन्य व्यय 9 लाख 41 हजार 
कुल व्यय 43 करोड़ 20 लाख 

वेतन से आय 1 करेाड़ 32 लाख 
अवैद्य आय 41 करोड़ 87 लाखा


कोहली को जमकर लाभ
जोशी दम्पत्ति के मित्र जेके रिसॉर्ट के मालिक एसपी कोहली वर्ष 1994 में मामूली आदमी थे। अरविन्द जोशी वर्ष 1994 में मप्र हस्तशिल्प निगम के प्रबंध संचालक थे। तभी से जोशी दम्पत्ति की काली कमाई से एसपी कोहली ने खुद और बेटों के नाम जमीनें खरीदी। जोशी दम्पत्ति की अप्रवासी बहनों से एसपी कोहली को पावर ऑफ अटार्नी दिला जमीनों में निवेश किया गया। 

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