एडमिशन बढ़ाने फीस कम करने की मांग

krishna singh

Publish: Jun, 20 2017 02:13:00 (IST)

Bhopal, Madhya Pradesh, India
एडमिशन बढ़ाने फीस कम करने की मांग

एडमिशन फी एंड रेगुलेटरी कमेटी की सुनवाई...

भोपाल. एडमिशन फी एंड रेगुलेटरी कमेटी (एएफआरसी) सचिवालय में सोमवार को बीई समेत विभिन्न प्रोफेशनल कोर्स की फीस तय करने के लिए निजी कॉलेज को संचालित करने वाली संस्थाओं की सुनवाई हुई। इसमें कुछ संस्थाओं ने उनके कॉलेजों की फीस कम करने की मांग की है। इसके पीछे बीई में हर साल एडमिशन के गिर रहे ग्राफ को कारण बताया जा रहा है। हालांकि फीस कम होती है तो कॉलेज गुणवत्ता कैसे सुनिश्चित करेंगे यह बड़ा सवाल एएफआरसी के सदस्यों के सामने रहेगा। एेसे में संस्थाओं द्वारा दी गई बैलेंस सीट के आधार पर ही फीस निर्धारित की जाएगी।

बीएड के लिए आज से शुरू होगी सुनवाई
मंगलवार से एनसीटीई के अंतर्गत आने वाले पाठ्यक्रमों को संचलित करने वाले निजी कॉलेजों की फीस तय करने के लिए संस्थाओं की सुनवाई की जाएगी। यह सुनवाई 24 जून तक की जाएगी। इसके बाद बीएड, बीए-बीएड, बीएससी-बीएड, एमएड, बीपीएड, एमपीएड आदि कोर्स की फीस निर्धारित की जाएगी। एएफआरसी द्वारा इस बार सत्र 2017-18, 2018-19, 2019-20 के ब्लॉक के लिए फीस तय की जानी है। इसके चलते बीई, फार्मेसी आदि कोर्स को संचालित करने वाले कॉलेजों की संस्थाओं की सुनवाई के लिए एएफआरसी सचिवालय में बुलाया था। इस दौरान बड़े और नामचीन कॉलेज फीस बढ़वाना चाहते हैं, क्योंकि विद्यार्थियों के रुझान कम होने से वह अधिक प्रभावित नहीं हुए हैं। सुनवाई के बाद एफआरसी के अध्यक्ष प्रो.टीआर थापक का कहना है कि मंगलवार तक बीई की फीस घोषित कर दी जाएगी।

4000 से अधिक ने की च्वाइस लॉक
एएफआरसी द्वारा फीस घोषित करने का इंतजार किए बिना तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर रखी है। सोमवार शाम तक बीई में 12 हजार रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। इसमें से 4,165 विद्यार्थियों ने अपने पसंद के कॉलेजों की च्वाइस भी लॉक कर ली है। विद्यार्थियों का कहना है कि फीस तय होने से पहले प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। क्योंकि यह एआईसीटीई के निर्देशों का उल्लंघन हैं। यदि अभी वे फीस के इंतजार में च्वाइस लॉक नहीं करेंगे तो उन्हें अच्छा कॉलेज नहीं मिलने का नुकसान हो सकता है। एेसे में कम रैंक वाले विद्यार्थी को अच्छा कॉलेज मिल जाएगा।

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