एग्ज़ाम फीवर होगा दूर, फॉलो करें ये टिप्स

Alka Jaiswal

Publish: Feb, 17 2017 05:08:00 (IST)

Bhopal, Madhya Pradesh, India
एग्ज़ाम फीवर होगा दूर, फॉलो करें ये टिप्स

एग्जाम का प्रेशर तो होता ही है, साथ ही पैरेंट्स की ओर से भी प्रेशर मिलना शुरू हो जाता है। यह प्रेशर कहीं न कहीं स्टूडेंट्स को चिढ़चिढ़ा बना देता है और उनका कॉन्फिडेंस भी लूज करता है।


भोपाल। बोर्ड क्लास के स्टूडेंट्स के लिए फरवरी पीक मंथ होता है। एग्जाम मार्च में शुरू हो जाएंगे। इस पूरे मंथ में स्कूल से भी छुट्टियां मिल चुकी होती हैं और सेल्फ स्टडी का प्रेशर बढ़ जाता है। एग्जाम का प्रेशर तो होता ही है, साथ ही पैरेंट्स की ओर से भी प्रेशर मिलना शुरू हो जाता है। यह प्रेशर कहीं न कहीं स्टूडेंट्स को चिढ़चिढ़ा बना देता है और उनका कॉन्फिडेंस भी लूज करता है।

इस मंथ में जहां स्टूडेंट्स को अपनी पढ़ाई पर भरपूर ध्यान देना होगा, वहीं पैरेंट्स को भी कई बातों पर अमल करना होगा। सबसे जरूरी है कि पैरेंट्स बच्चों के खान-पान का पूरा ध्यान रखें। उन्हें हेल्दी डाइट ही दें। यदि वह कुछ बाहर की चीजें खाते हैं तो उन्हें रोकें, क्योंकि यह सबसे पहले सेहत पर असर डालता है और सेहत आपकी स्डटी पर प्रभाव डालेगी।


एग्जाम फीवर की खुमारी जितनी स्टूडेंट में  है उतनी ही पैरेंट्स में भी। काउंसलिंग की जरूरत दोनों को है। बच्चों के लिए पैरेंट्स का व्यवहार और पैरेंट्स के लिए बच्चों का व्यवहार इस दौरान बहुत मायने रखता है। इसलिए ध्यान रखें कुछ जरूरी बातें...

पैरेंट्स अपनाएं पांच बातें 
1. आदेशात्मक भाषा नहीं
आजकल के बच्चे या कोई भी व्यक्ति आदेश सुनना नहीं चाहता। जाओ पढऩे बैठो..., जैसी लैंग्वेज यूज न करें। हमेशा सजेस्टिव लैंग्वेज में बात करें।


2. पॉजिटिव बोलें
एग्जाम के दिनों में पॉजिटिव लैंग्वेज में ही बच्चों से बात करें। फेल हो जाओगे या कम नंबर आएंगे, जैसे शब्दों से बचें। इससे बच्चों के दिमाग में नेगेटिविटी आती है। 

3. रुटीन करें वॉच 
पैरेंट्स बच्चों का रुटीन पूरी तरह वॉच करें। वे ठीक से खा रहे हैं या नहीं, या उनकी बॉडी लैंग्वेज कैसी है, स्वभाव चिढ़चिढ़ा तो नहीं। 

4. बूस्टअप करें 
यदि स्टूडेंट्स एग्जाम फोबिया के कारण घबरा रहे हैं या डर हावी हो गया है तो उन्हें बूस्टअप करें। कहें कि तुम ये कर सकते हैं। मेहनत से सब आसन है, इस तरह सिचुएशन हैंडिल करें।


5. कम्पेरिजन न करें
कम्पेरिजन सबसे बड़ी समस्या है। अक्सर पैरेंट्स पड़ोसियों, छोटे या बड़े भाई-बहनों से कम्पेरिजन करते हैं। इससे बच्चों में हीन भावना आती है और उनका मोरल डाउन करती है। 

इन बातों का रखें ख्याल
1. प्रॉपर नींद 
कम से कम छह से सात घंटे की नींद लें। अधिक स्टडी के चक्कर से नींद में कम्प्रोमाइज न करें। 

2. फिजिकल वर्कआउट
रोजाना आधे घंटे का वर्कआउट स्टूडेंट्स के लिए अच्छा होगा। बॉडी को प्रॉपर ऑक्सीजन मिलेगी। 

3. परफेक्ट डाइट 
मैदा, नमक और शुगर ये वाइट चीजें कम खाएं। प्रोटीन और विटामिन युक्त भोजन लें, जिससे बॉडी पूरी तरह फंक्शन करे।

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