BHOPAL में इंदिरा गांधी ने ऐसा क्या बोला था, जिससे हिल गई थी दिल्ली

Manish Gite

Publish: Feb, 14 2017 01:24:00 (IST)

Bharat Bhavan, Bhopal, Madhya Pradesh, India
BHOPAL में इंदिरा गांधी ने ऐसा क्या बोला था, जिससे हिल गई थी दिल्ली

mp.patrika.com भारत भवन की स्थापना के मौके पर बताने जा रहा है एक रोचक किस्सा, जब इंदिरा गांधी का बयान देशभर की सुर्खियां बन गया था...।


भोपाल। आज से 35 साल पहले जब भारत भवन का उद्घाटन करने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भोपाल आई थी, उस समय उनके एक वक्तव्य से दिल्ली भी हिल गई थी। देश में महिला प्रधानमंत्री के इस बयान से हलचल मच गई थी। इस बयान ने काफी सुर्खियां बटोरी थी। राजनीति के साथ ही कला जगत में इसकी काफी चर्चा हुई थी।

mp.patrika.com बताने जा रहा है भारत भवन की स्थापना के दौर का वह रोचक किस्सा। जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी इसका उद्घाटन करने के लिए भोपाल आई थी।

बात 13 फरवरी 1982 की है, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भोपाल में नवनिर्मित भारत भवन का उद्घाटन करने के लिए आई हुई थीं। MP के मुख्यमंत्री उस समय अर्जुन सिंह थे। मध्यप्रदेश के कल्चर को बढ़ावा देने के लिए भारत भवन को बनाया जाना एक बड़ी पहल थी। यह वही दौर था जब मुख्यमंत्री के नेतृत्व में MP को देश की सांस्कृतिक राजधानी कहा जाने लगा था।







डिजाइन देख चौंक गई थी इंदिरा
भारत भवन का उद्घाटन चार्ल्स कोरिया ने डिजाइन किया था। उद्घाटन मौके पर इंदिरा गांधी इसकी डिजाइन देख चौंक गई थी। भारत भवन इस ढंग से बनाया गया है कि कभी भी ये एक इमारत जैसी न लगे। प्रदेश की विभिन्न कला-संस्कृति की झलक और होने वाले कार्यक्रमों से प्रभावित होकर इंदिरा को यह कहना पड़ गया था कि 'जो दिल्ली में नहीं हो रहा है वो भोपाल में हो रहा है।' इंदिरा की बातों से साफ अनुमान लगाया गया था कि वे चाहती थीं कि कला और संस्कृति का यह भवन दिल्ली में होना चाहिए था। इसके बाद कई लोग इंदिरा गांधी के वक्तव्य से घबरा गए थे। तरह-तरह की बयान और सफाई दी जाती रही। यह बात उन दिनों काफी सुर्खियों में रही।





यह है संस्कृति और कला का मंदिर 'भारत भवन'
-मध्य प्रदेश के भोपाल शहर में बड़े तालाब के पास स्थित यह भारत भवन है।
-इसकी स्थापना 1982 में हुई थी।
-इसे मुख्य रूप से प्रदर्शन कला और दृश्य कला का केंद्र माना जाता है।
-यह विभिन्न पारंपरिक शास्त्रीय कलाओं के संरक्षण का यह प्रमुख केन्द्र है।
-भारत भवन चार्ल्स कोरेया द्वारा डिजाइन किया गया है।
-चार्ल्‍स का भारत भवन के बारे में कहना था कि यह पानी पर झुका हुआ एक पठार जहाँ से तालाब और ऐतिहासिक शहर दिखाई देता है। 
-यहां अनेक रचनात्मक कलाओं का प्रदर्शन किया जाता है।
-भारत भवन में आर्ट गैलरी, इनडोर या आउटडोर ओडिटोरियम, रिहर्सल रूम, म्यूजियम ऑफ आर्ट, ललित कला संग्रह, भारतीय काव्य से भरा पुस्तकालय आदि कई चीज़ें शामिल हैं।

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