ऐसा क्या है स्वराज पुरी की फाइल में जो दोबारा खोलने से कतरा रही है सरकार!

Bhopal, Madhya Pradesh, India
ऐसा क्या है स्वराज पुरी की फाइल में जो दोबारा खोलने से कतरा रही है सरकार!

भोपाल गैस कांड के आरोपी वारेन एंडरसन को भगाने में मदद करने वाले तत्कालीन एसपी स्वराज पुरी के मामले में सरकार ने चुप्पी साध ली है। 


भोपाल. भोपाल गैस कांड के आरोपी वारेन एंडरसन को भगाने में मदद करने वाले तत्कालीन एसपी स्वराज पुरी के मामले में सरकार ने चुप्पी साध ली है। उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने के कोर्ट के निर्देश के बाद भी उनकी फाइल आगे नहीं बढ़ी है। वे निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग के सदस्य के तौर पर काम कर रहे हैं।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. अखिलेश कुमार पाण्डेय का कहना है कि किसी की नियुक्ति और हटाने का अधिकार राज्य सरकार का है। पुरी पर भी फैसला सरकार ही लेगी, लेकिन पुरी के मामले में सरकार चुप है। राज्य सरकार के जिम्मेदार अफसर कोर्ट के आदेश का परीक्षण किए जाने की बात कहते हैं, वहीं आयोग के अध्यक्ष डॉ. अखिलेश कुमार पाण्डेय का कहना है कि किसी की नियुक्ति और हटाने का अधिकार राज्य सरकार का है। यह निर्णय सरकार ही लेती है, यदि राज्य सरकार इस मामले में पूछेगी तो उन्हें जानकारी दे दी जाएगी।

पहले हटाए जा चुके हैं
स्वराज पुरी को इसी मामले में नर्मदा घाटी परियोजना के शिकायत निवारण प्राधिकरण के सदस्य के तौर पर भी हटाया जा चुका है। ये यहां पांच साल पहले सदस्य थे। इसके बाद सरकार ने वर्ष 2015 में इन्हें दोबारा नई जिम्मेदारी दे दी।  

यह है पूरा मामला...
यूनियन कार्बाइड कार्पोरेशन के चेयरमैन वॉरेन एंडरसन को भोपाल के तत्कालीन एसपी स्वराज पुरी और तत्कालीन कलेक्टर मोदी सिंह ने भागने में मदद की। पुरी ने अपनी पुस्तक में इसका उल्लेख भी किया कि वे एंडरसन को कार से एयरपोर्ट तक ले गए। वहां उन्हें विशेष विमान मुहैया कराया गया। कोर्ट उनकी इसी पुस्तक को आधार बनाकर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।

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